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रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार के पुराने विवादों की भी जांच, 1 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला आया सामने

 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। हत्याकांड के मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश के बीच मृतक से जुड़े पुराने आर्थिक विवादों की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं हत्या का संबंध किसी पुराने विवाद से तो नहीं है। हालांकि, अभी तक पुराने आर्थिक मामले और हत्या के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एक करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले गुरुग्राम निवासी अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि निवेश और बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर उनसे रकम ली गई थी।शिकायत की जांच के बाद अक्टूबर 2025 में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में पुलिस कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी। रिपोर्ट्स के अनुसार, राकेश अग्रवाल इस प्रकरण में महत्वपूर्ण गवाह बताए जा रहे थे।हत्या के बाद यह पुराना विवाद भी जांच के दायरे में आ गया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आर्थिक लेन-देन से जुड़े विवाद और हत्या के बीच कोई संबंध था या नहीं। फिलहाल किसी व्यक्ति की हत्या में संलिप्तता साबित नहीं हुई है।

30 सितंबर को घर में हुई थी हत्या

राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर 2026 को भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरज नगर के घर में हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच के मुताबिक, उनकी गला रेतकर हत्या की गई। वारदात के बाद घर में काम करने वाला केयरटेकर वरुण कुमार लापता हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।पुलिस को संदेह है कि वारदात के बाद घर से कुछ सामान भी गायब हुआ। घटनास्थल पर गैस सिलेंडर के पाइप और रेगुलेटर से छेड़छाड़ के संकेत मिलने के बाद सबूत मिटाने की आशंका के पहलू की भी जांच की गई। हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक मकसद जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फरार केयरटेकर की तलाश में जुटी पुलिस

हत्या के बाद से वरुण कुमार पुलिस की तलाश में है। जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से उसकी संभावित गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट्स में भोपाल रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में उसके दिखाई देने और आगरा की दिशा में सुराग मिलने की जानकारी भी सामने आई थी।21 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया था। टीम को जांच की प्रगति की नियमित जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

हत्या की वजह अब भी स्पष्ट नहीं

इस मामले में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल हत्या का मकसद है। जांच में लूट, पुराने आर्थिक विवाद और वारदात के बाद सबूत मिटाने की आशंका जैसे अलग-अलग पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।पुलिस की जांच और संदिग्ध केयरटेकर से पूछताछ के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुराने आर्थिक विवाद को हत्या की वजह मानना जल्दबाजी होगी।