☰
×

रक्षाबंधन पर लिए मावा-मिठाई के सैंपल की रिपोर्ट दिवाली तक भी मुश्किल, मिलावट रोकने की व्यवस्था पर उठे सवाल

 

शहर में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की जाने वाली जांच की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रक्षाबंधन के मौके पर दुकानों से मावा, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे, लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट दिवाली तक आने की भी संभावना मुश्किल बताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि त्योहारों के दौरान मिलावट रोकने के लिए की जाने वाली कार्रवाई का आम लोगों को समय पर कितना लाभ मिल पाता है।

त्योहारों के समय बाजार में मिठाइयों, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग दुकानों पर जांच अभियान चलाता है और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करता है। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है, ताकि उनकी गुणवत्ता और शुद्धता का पता लगाया जा सके।

लेकिन यदि नमूनों की रिपोर्ट आने में कई सप्ताह या महीनों का समय लग जाए, तो जांच की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रक्षाबंधन पर लिए गए नमूनों की रिपोर्ट दिवाली तक भी नहीं मिलने की आशंका से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

रिपोर्ट में देरी से कार्रवाई पर असर

खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित उत्पादों में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी की पुष्टि हो पाती है। रिपोर्ट आने के बाद नियमों के अनुसार संबंधित दुकानदार या निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।यदि जांच रिपोर्ट समय पर नहीं आती, तो संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हो सकती है। त्योहार बीत जाने के बाद रिपोर्ट आने से उस समय चलाए गए अभियान का तत्काल प्रभाव भी सीमित हो सकता है।

त्योहारों पर मिलावट रोकने की चुनौती

रक्षाबंधन और दिवाली जैसे त्योहारों पर मिठाइयों तथा मावा की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी होती है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए और संदिग्ध उत्पादों पर समय रहते कार्रवाई हो।इसके लिए केवल नमूने लेना ही पर्याप्त नहीं है। नमूनों की जांच समय पर पूरी करना, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करना और उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है।

जांच व्यवस्था में तेजी की जरूरत

रक्षाबंधन पर लिए गए नमूनों की रिपोर्ट में संभावित देरी का मामला खाद्य जांच व्यवस्था में तेजी लाने की जरूरत को रेखांकित करता है। प्रयोगशालाओं में जांच के लिए पर्याप्त संसाधन, कर्मचारियों की उपलब्धता और समयबद्ध रिपोर्ट जारी करने की व्यवस्था इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रक्षाबंधन पर लिए गए मावा, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट दिवाली तक मिलना भी मुश्किल बताया जा रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में देरी के आधिकारिक कारण और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।