गुना में 65 आदिवासियों की जमीन पर दोबारा कब्जा: 23 भू-माफियाओं पर FIR दर्ज, प्रशासन के हटाने के बाद फिर जमाया कब्जा
मध्यप्रदेश के गुना जिले में आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद जमीन को कब्जामुक्त कराने के बावजूद कुछ लोगों ने दोबारा वहां कब्जा जमा लिया। मामले में प्रशासन की शिकायत के आधार पर 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि यह जमीन करीब 65 आदिवासी परिवारों से जुड़ी है।
प्रशासन ने पहले हटाया था कब्जा
जानकारी के मुताबिक, संबंधित जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आ रही थीं। प्रशासन ने शिकायतों की जांच के बाद कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराया था। इसके बाद उम्मीद थी कि जमीन पर दोबारा कब्जा नहीं होगा, लेकिन कुछ समय बाद आरोपियों ने फिर से वहां कब्जा कर लिया।
प्रशासन की ओर से दोबारा जांच किए जाने पर मौके पर अवैध कब्जे की स्थिति सामने आई। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
23 लोगों पर दर्ज हुई FIR
मामले में पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि प्रशासन द्वारा हटाए जाने के बावजूद इन लोगों ने जमीन पर फिर से कब्जा कर लिया था। पुलिस अब FIR में नामजद लोगों की भूमिका और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि जमीन पर दोबारा कब्जा कब और किस तरीके से किया गया। मामले में राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान किया जा रहा है।
65 आदिवासी परिवारों की जमीन का मामला
बताया जा रहा है कि विवादित जमीन करीब 65 आदिवासी लोगों से संबंधित है। आदिवासी परिवारों की जमीन पर दोबारा कब्जे की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि पात्र लोगों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा और सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जमीन का संरक्षण प्राथमिकता है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब यह भी देखा जा रहा है कि जमीन पर भविष्य में दोबारा कब्जा न हो। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
भू-माफियाओं पर कार्रवाई जारी
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आरोपियों से जुड़े दस्तावेज, जमीन के रिकॉर्ड और कब्जे की परिस्थितियों की जांच करेगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं प्रशासन की ओर से भी जमीन को दोबारा कब्जामुक्त कराने और वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। गुना में आदिवासी जमीन पर दोबारा कब्जे का यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।