नर्सिंग घोटाले की जांच के बीच राहत: जीएनएम प्रथम वर्ष का अटका परिणाम जारी, 2022-23 सत्र का रिजल्ट घोषित
नर्सिंग घोटाले की सीबीआई जांच के चलते लंबे समय से अटका हुआ जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम आखिरकार जारी कर दिया गया है। मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (एमपीएनआरसी) ने सत्र 2022-23 की मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित कर हजारों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है।
जानकारी के अनुसार, नर्सिंग शिक्षा से जुड़े मामलों में चल रही जांच और प्रक्रियात्मक अड़चनों के कारण इस परीक्षा परिणाम को लेकर काफी समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। परिणाम रुके रहने से छात्रों की आगे की पढ़ाई और करियर योजनाएं प्रभावित हो रही थीं।
अब एमपीएनआरसी द्वारा परिणाम जारी किए जाने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश और प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू करने का अवसर मिल सकेगा। लंबे इंतजार के बाद रिजल्ट आने से छात्रों और अभिभावकों में राहत का माहौल देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सत्र 2022-23 की मुख्य परीक्षा के परिणामों को तकनीकी और प्रशासनिक जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद घोषित किया गया है। काउंसिल ने यह सुनिश्चित किया है कि परिणाम जारी करने में पारदर्शिता और नियमों का पालन किया गया है।
नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े छात्रों का कहना है कि परिणाम में देरी के कारण उनका समय और करियर दोनों प्रभावित हुए, लेकिन अब रिजल्ट जारी होने से आगे की पढ़ाई की राह खुल गई है। कई छात्रों ने जल्द काउंसलिंग और अगली कक्षा में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की है।
गौरतलब है कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े संस्थानों की मान्यता और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सीबीआई जांच चल रही है, जिसके चलते कई अकादमिक प्रक्रियाएं प्रभावित हुई थीं। इसी वजह से जीएनएम प्रथम वर्ष का परिणाम भी लंबित था।
एमपीएनआरसी अधिकारियों के अनुसार, आगे की परीक्षाओं और परिणामों को भी समयबद्ध तरीके से जारी करने की कोशिश की जा रही है, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। फिलहाल इस घोषणा के बाद नर्सिंग विद्यार्थियों में संतोष और उम्मीद का माहौल है।