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मध्य प्रदेश के 165 शहर-कस्बों में बारिश, 40 जिलों में बरसे बादल; कई इलाकों में तेज बारिश का दौर

 

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के करीब 165 शहरों और कस्बों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश रिकॉर्ड की गई है। खास बात यह है कि बारिश का असर प्रदेश के सभी 40 जिलों में देखने को मिला। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का दायरा ज्यादा व्यापक रहा। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुल 126 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई है। इससे कई इलाकों में मौसम सुहाना हो गया, जबकि कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनने की खबर है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से लेकर तेज बारिश तक दर्ज की गई। पश्चिमी हिस्से में बारिश का प्रभाव अधिक रहा। मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई अन्य शहरों और कस्बों में भी अच्छी बारिश हुई है।

बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश के बाद राहत मिली। कई शहरों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश को खेती के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश में इस समय खरीफ फसलों का सीजन चल रहा है। ऐसे में बारिश से सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों को फायदा होने की उम्मीद है। हालांकि, जिन इलाकों में कम समय में अधिक बारिश हुई है, वहां खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आ सकती है। किसानों के लिए लगातार बारिश फायदेमंद होने के साथ-साथ नुकसान का कारण भी बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है।

शहरी इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। कई जगह सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने से स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहना पड़ा। हालांकि अधिकांश स्थानों पर बारिश के बाद मौसम में ठंडक आने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदेश में बारिश का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है। अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बादल बन रहे हैं और बारिश हो रही है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।

फिलहाल सभी 40 जिलों में बारिश दर्ज होने से साफ है कि मानसून का असर प्रदेश के बड़े हिस्से में बना हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। प्रशासन की ओर से भी जलभराव वाले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।