बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत पर सियासत तेज, वीडियो में जाने राहुल गांधी आज परिजनों से करेंगे मुलाकात
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार, 1 अक्टूबर को बालाघाट के प्रभावित इलाके का दौरा कर रहे हैं। वे बैहर क्षेत्र के जगला गांव पहुंचकर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे और उनके हालात की जानकारी लेंगे। राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
सरकारी आंकड़े और अन्य दावों में अंतर
बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों के दौरान कई बैगा और गोंड आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। प्रशासन की ओर से बीमारी से संबंधित मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 बताया गया है। वहीं, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इससे अधिक मौतों का दावा किया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अलग-अलग आंकड़ों में अंतर इसलिए है क्योंकि कुछ सूचियों में बीमारी के अलावा अन्य कारणों से हुई मौतों को भी शामिल किया गया है।जगला गांव के कुछ परिवारों का दावा है कि चार बच्चों की मौत हुई, लेकिन उनके नाम प्रशासन के आधिकारिक डेथ रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। इन बच्चों की मौत के कारणों को लेकर परिवारों की ओर से अलग-अलग बीमारियों का उल्लेख किया गया है, लेकिन इन व्यक्तिगत मामलों में आधिकारिक चिकित्सकीय कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यही वजह है कि मृतकों की वास्तविक संख्या और प्रत्येक मौत के कारण को लेकर विवाद बना हुआ है।
कई बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र
स्वास्थ्य संबंधी जांच में किसी एक बीमारी को सभी मौतों का एकमात्र कारण नहीं माना गया है। रिपोर्टों में खसरा, मलेरिया, कुपोषण, एनीमिया, डिहाइड्रेशन, संक्रमण और सांस संबंधी समस्याओं जैसी स्थितियों का उल्लेख किया गया है। एक केंद्रीय संयुक्त जांच टीम ने प्रभावित क्षेत्र में 196 मामलों की जांच की थी। जांचे गए नमूनों में कुछ मामलों में खसरे की पुष्टि हुई, जबकि मलेरिया के भी कई मामले सामने आए।मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग, उपचार और टीकाकरण जैसी गतिविधियां तेज कीं। सरकार की ओर से दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए नए मेडिकल अधिकारियों की तैनाती और स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
राहुल गांधी के दौरे पर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
राहुल गांधी ने पहले भी बालाघाट में बच्चों की मौत को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण और समय पर इलाज से जुड़े सवाल उठाए थे। अब वे सीधे प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने जा रहे हैं। कांग्रेस इस दौरे के जरिए आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था और मौतों के आंकड़ों को लेकर सवाल उठा रही है।दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया है। इस तरह बच्चों की मौत का मुद्दा अब स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस के केंद्र में भी आ गया है।फिलहाल इस पूरे मामले में तीन अहम सवाल बने हुए हैं—वास्तविक रूप से कितने बच्चों की मौत हुई, प्रत्येक मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था और प्रभावित आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कैसी रही। राहुल गांधी की प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद इन मुद्दों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।