MP NEET PG काउंसिलिंग में महिला आरक्षण पर उठे सवाल, निजी मेडिकल कॉलेजों की 1413 सीटों में 212 NRI कोटे के लिए आरक्षित
मध्य प्रदेश में नीट पीजी काउंसिलिंग 2026-27 के लिए जारी निजी मेडिकल कॉलेजों के सीट मैट्रिक्स को लेकर विवाद की स्थिति बनती नजर आ रही है। इस बार सीटों के बंटवारे में महिला आरक्षण को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। प्रदेश के 12 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों की कुल 1413 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें से 212 सीटें एनआरआई (नॉन रेजिडेंट इंडियन) कोटे के लिए रखी गई हैं। सीटों के इस बंटवारे के बाद आरक्षण व्यवस्था और महिला अभ्यर्थियों के अवसरों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
नीट पीजी काउंसिलिंग के जरिए मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाता है। इसमें एमडी और एमएस जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। काउंसिलिंग के दौरान जारी सीट मैट्रिक्स के आधार पर अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट, श्रेणी और उपलब्ध सीटों के अनुसार प्रवेश मिलता है।
12 निजी मेडिकल कॉलेजों में 1413 सीटें
जारी सीट मैट्रिक्स के मुताबिक मध्य प्रदेश के 12 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी-एमएस की कुल 1413 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से 212 सीटें एनआरआई कोटे के तहत निर्धारित की गई हैं। इस तरह निजी मेडिकल कॉलेजों की कुल सीटों का एक हिस्सा एनआरआई अभ्यर्थियों के लिए अलग रखा गया है।
एनआरआई कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए अलग पात्रता और निर्धारित नियम लागू होते हैं। इन सीटों की फीस और प्रवेश प्रक्रिया भी सामान्य सीटों से अलग हो सकती है।
महिला आरक्षण को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?
सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल महिला अभ्यर्थियों को मिलने वाले आरक्षण और अवसरों को लेकर है। मेडिकल पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रही महिला उम्मीदवार यह जानना चाहती हैं कि सीटों के आवंटन में उनके लिए आरक्षण की क्या व्यवस्था लागू की गई है।
सीटों के वर्गीकरण और आरक्षण संबंधी नियमों को लेकर स्पष्टता जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में किसी तरह का भ्रम न रहे। खासतौर पर निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों के अलग-अलग कोटे का निर्धारण किस आधार पर किया गया है, यह महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
काउंसिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
नीट पीजी काउंसिलिंग में सीटों का स्पष्ट वर्गीकरण अभ्यर्थियों के लिए बेहद जरूरी होता है। इससे उम्मीदवारों को अपनी मेरिट और पात्रता के आधार पर कॉलेज तथा पाठ्यक्रम चुनने में आसानी होती है।
महिला आरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सीट मैट्रिक्स और संबंधित नियमों की स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। फिलहाल 12 निजी मेडिकल कॉलेजों की 1413 सीटों में 212 एनआरआई कोटे के लिए निर्धारित होने का आंकड़ा सामने आया है। महिला आरक्षण को लेकर उठे सवालों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण और लागू नियमों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।