खनिज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर उठे सवाल, दो महीने में 600 डंपर कोपरा निकालने का आरोप; जांच शुरू
खनिज विभाग के एक इंस्पेक्टर की रिपोर्ट को लेकर नया विवाद सामने आया है। रिपोर्ट में दो महीने के दौरान करीब 600 डंपर कोपरा निकाले जाने का उल्लेख किए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। रिपोर्ट की विश्वसनीयता और तथ्यों को लेकर सवाल उठने पर संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, खनिज इंस्पेक्टर की रिपोर्ट में निर्धारित अवधि के दौरान बड़ी मात्रा में कोपरा के अवैध उत्खनन और परिवहन का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित पक्षों ने इसमें दर्ज आंकड़ों और तथ्यों पर आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
प्रारंभिक स्तर पर जांच टीम रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों, मौके की वास्तविक स्थिति और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि रिपोर्ट में दर्ज जानकारी वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच में खनिज परिवहन से जुड़े दस्तावेज, रॉयल्टी रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक अभिलेखों की भी पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में किसी अधिकारी या संबंधित पक्ष की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस मामले ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिपोर्ट में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।