मुरैना में पोरसा जनपद पंचायत पर सवाल, मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी के आरोप
जिले की पोरसा जनपद पंचायत एक बार फिर कथित अनियमितताओं को लेकर सवालों के घेरे में है। यहां मनरेगा और अन्य ग्रामीण विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये के भुगतान की तैयारी की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही है।
दस्तावेज और हकीकत में अंतर के आरोप
जानकारी के अनुसार, कई विकास कार्यों के रिकॉर्ड में कार्य पूर्ण या प्रगति पर दिखाए गए हैं, जबकि मौके पर उन कार्यों की वास्तविक स्थिति अलग बताई जा रही है। इसी कारण पूरे मामले को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
मनरेगा कार्यों में अनियमितता की आशंका
ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि कागजों में कार्य पूरा दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह काम अधूरा है या हुआ ही नहीं, जबकि रिकॉर्ड में भुगतान की प्रक्रिया दिखाई दे रही है।
जांच की मांग तेज
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी योजनाओं के उद्देश्य प्रभावित हो सकते हैं।
प्रशासन की नजर
प्रशासनिक स्तर पर भी मामले पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।