मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में शिकागो में प्रदर्शन, भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर लगे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे
अमेरिका के शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में 50 से ज्यादा भारतीय शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर विरोध जताया।
प्रदर्शन का केंद्र मतदाता सूची में नामों को हटाने से जुड़ी चिंताएं रहीं। प्रदर्शनकारियों ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मताधिकार के महत्व को उठाया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि किन मतदाताओं के नाम हटाए गए, यह कार्रवाई किस क्षेत्र की मतदाता सूची से संबंधित है और प्रदर्शनकारियों ने इस संबंध में कौन-सी औपचारिक मांगें रखीं।
मतदाता अधिकारों को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची में नाम होना मतदान के अधिकार के लिए जरूरी है। ऐसे में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें सुधार का अवसर मिलना चाहिए।
भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी राजनीतिक बहस चल रही है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया का उद्देश्य मृत, दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाना बताया जाता है।
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विदेश में भी उठा मतदाता सूची का मुद्दा
शिकागो में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर हुआ प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे विदेश में रह रहे कुछ भारतीयों के बीच भी चर्चा का विषय हैं। प्रदर्शन में शामिल 50 से अधिक लोगों ने नारेबाजी के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन का आयोजन किस संगठन ने किया था और प्रदर्शनकारियों ने वाणिज्य दूतावास या भारतीय अधिकारियों को कोई ज्ञापन सौंपा या नहीं। मतदाता सूची से संबंधित शिकायतें किन राज्यों या निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़ी हैं, इसकी जानकारी भी सामने आना बाकी है।
फिलहाल, शिकागो में हुए इस प्रदर्शन में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर नाराजगी और मताधिकार की सुरक्षा की मांग प्रमुख रही।