10 साल बाद खुला प्रमोशन का रास्ता: मध्यप्रदेश में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू, विधानसभा सचिवालय ने 24 घंटे में जारी किए 12 आदेश
मध्यप्रदेश के सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर आई है। करीब एक दशक बाद प्रदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के महज 24 घंटे के भीतर ही मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने इस दिशा में कार्रवाई करते हुए 12 अधिकारी-कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश जारी कर दिए।
बुधवार को विधानसभा सचिवालय की ओर से कुल सात अलग-अलग पदोन्नति आदेश जारी किए गए। इन आदेशों के तहत विभिन्न श्रेणियों के 12 अधिकारी और कर्मचारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि पदोन्नति प्रक्रिया विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कारणों से लंबे समय से अटकी हुई थी। इससे हजारों अधिकारी और कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्य करने को मजबूर थे। अब सरकार द्वारा प्रक्रिया दोबारा शुरू किए जाने से विभागों में रिक्त पद भरने के साथ-साथ कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद सभी विभागों में पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों के रिकॉर्ड का परीक्षण कर नियमों के अनुसार पदोन्नति आदेश जारी किए जाएंगे। विधानसभा सचिवालय ने इस दिशा में सबसे पहले कार्रवाई करते हुए अन्य विभागों के लिए भी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सरकारी कर्मचारियों का मानना है कि पदोन्नति से न केवल उन्हें बेहतर जिम्मेदारियां मिलेंगी, बल्कि वेतनमान और सेवा संबंधी अन्य लाभ भी प्राप्त होंगे। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित पदोन्नति से विभागों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर अधिकारियों को उच्च पद मिलने से निर्णय लेने की प्रक्रिया भी मजबूत होगी।
अब प्रदेश के अन्य विभागों में भी पदोन्नति प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से हजारों अधिकारी और कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है, जो वर्षों से अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आने के साथ कर्मचारियों में उत्साह का माहौल भी देखने को मिल रहा है।