प्रोफेसर की धमकी- ‘302 की 14 पेशी कर रहा हूं, तुम्हारे जैसों को जेब में डालकर चलता हूं’, NSUI ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश में एक प्रोफेसर की कथित धमकी से जुड़ा मामला चर्चा में है। प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति को धमकाते हुए कहा, ‘302 की 14 पेशी कर रहा हूं, तुम्हारे जैसों को जेब में डालकर चलता हूं।’ इस कथित बयान के सामने आने के बाद छात्र संगठन NSUI ने सवाल उठाए हैं। संगठन ने पूछा कि क्या अपराधियों को प्रोफेसर बनाया जा रहा है?
मामले को लेकर प्रोफेसर के कथित बयान और उनकी भाषा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद किस संस्थान में हुआ, बातचीत किस संदर्भ में हुई और प्रोफेसर के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं।
‘302 की 14 पेशी कर रहा हूं’, कथित धमकी से विवाद
विवाद की मुख्य वजह प्रोफेसर का कथित बयान बताया जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने सामने वाले व्यक्ति को धमकाते हुए कहा कि वह हत्या से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के मामले में 14 पेशियों पर जा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कथित तौर पर कहा, ‘तुम्हारे जैसों को जेब में डालकर चलता हूं।’
इस बयान के सामने आने के बाद प्रोफेसर के व्यवहार और उनकी जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों से अनुशासित और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में किसी शिक्षक पर धमकी देने का आरोप लगने से मामला गंभीर हो जाता है।
हालांकि, कथित बयान के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि संबंधित व्यक्ति किसी आपराधिक मामले में दोषी है। इसके लिए मामले के रिकॉर्ड और संबंधित तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
NSUI ने पूछा- अपराधियों को प्रोफेसर बना रहे क्या?
इस मामले पर छात्र संगठन NSUI ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अपराधियों को प्रोफेसर बनाया जा रहा है? संगठन की इस प्रतिक्रिया के जरिए प्रोफेसर की कथित भाषा और उनके व्यवहार पर आपत्ति जताई गई है।
NSUI की प्रतिक्रिया के बाद मामले ने छात्र राजनीति और शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों के आचरण से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है। हालांकि, संगठन की ओर से किसी ज्ञापन, प्रदर्शन या औपचारिक शिकायत की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जांच और आधिकारिक पक्ष का इंतजार
मामले में प्रोफेसर का पक्ष, संस्थान की प्रतिक्रिया और किसी संभावित जांच की जानकारी सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित धमकी के संबंध में पुलिस या संस्थान के अधिकारियों से शिकायत की गई है या नहीं।
यदि इस मामले में औपचारिक शिकायत होती है, तो संबंधित अधिकारियों के लिए कथित बातचीत के संदर्भ, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल, प्रोफेसर के कथित बयान को लेकर NSUI ने सवाल उठाए हैं। मामले की पूरी तस्वीर संबंधित संस्थान की प्रतिक्रिया, आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।