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किसानों के लिए बड़ी राहत की तैयारी, सहकारी बैंकों में गबन से बचाएगी सरकार की ‘कवच योजना’

 

सहकारी बैंकों में किसानों की जमा राशि के गबन और हेराफेरी के बढ़ते मामलों के बीच मध्य प्रदेश सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। बैंक मैनेजरों और सहकारी बैंकों के सचिवों द्वारा खातेदार किसानों की रकम हड़पने और वित्तीय अनियमितताओं की घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार अब ‘कवच योजना’ लागू करने की तैयारी में है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की जमा पूंजी को सुरक्षित रखना और गबन की स्थिति में उन्हें समय पर राहत उपलब्ध कराना है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई सहकारी बैंकों और समितियों में किसानों की जमा राशि के गबन के मामले सामने आए हैं। कई जगह बैंक प्रबंधकों और सचिवों पर खातों में हेराफेरी कर किसानों की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। ऐसे मामलों में किसानों को लंबे समय तक अपनी ही राशि वापस पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने ‘कवच योजना’ का प्रारूप तैयार किया है। योजना लागू होने के बाद यदि किसी सहकारी बैंक या समिति में अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही, गबन या धोखाधड़ी के कारण किसानों की राशि प्रभावित होती है, तो उन्हें राहत देने की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के साथ-साथ सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास भी मजबूत होगा।

सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल किसानों के हितों की रक्षा करेगी, बल्कि सहकारी बैंकों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाएगी। योजना के तहत गबन या वित्तीय अनियमितता के मामलों की निगरानी, त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया जा सकता है।

विभागीय स्तर पर योजना के स्वरूप और संचालन को लेकर अंतिम तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए संबंधित विभागों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं, ताकि किसानों को अधिक प्रभावी सुरक्षा मिल सके। सरकार की कोशिश है कि योजना लागू होने के बाद किसानों को अपनी जमा राशि के लिए वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘कवच योजना’ प्रभावी ढंग से लागू होती है तो सहकारी बैंकिंग प्रणाली में किसानों का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही गबन और वित्तीय अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। अब किसानों और सहकारी बैंक खाताधारकों की नजर सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के आधिकारिक ऐलान और उसके विस्तृत प्रावधानों पर टिकी हुई है।