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छिंदवाड़ा हादसे की प्राथमिक जांच में मानवीय गलती नहीं मिली: वार्मर के हीटिंग फिलामेंट में स्पार्क से लगी थी आग, एक नवजात की मौत

 

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में हुए आग हादसे को लेकर प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। जांच में शुरुआती तौर पर किसी तरह की मानवीय गलती नहीं पाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, नवजात शिशुओं को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वार्मर के हीटिंग फिलामेंट में स्पार्क होने के कारण आग लगी थी। इस हादसे में एक नवजात की मौत हो गई थी।

जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा के SNCU में नवजात बच्चों के इलाज और देखभाल के लिए वार्मर लगाए गए थे। इसी दौरान एक वार्मर में तकनीकी खराबी के कारण हीटिंग फिलामेंट में स्पार्क हुआ और आग भड़क गई। आग लगने के बाद अस्पताल स्टाफ ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की।

हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग लगने का कारण उपकरण में आई तकनीकी खामी थी। जांच अधिकारियों को अब तक ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है, जिससे किसी कर्मचारी की लापरवाही साबित हो।

अस्पताल प्रशासन और जांच टीम ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू की थी। इसमें वार्मर की तकनीकी स्थिति, उपकरण का रखरखाव, बिजली व्यवस्था और मौके पर मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की जांच की गई। शुरुआती रिपोर्ट में मानवीय चूक से इनकार किया गया है।

आग लगने की घटना के दौरान SNCU में मौजूद नवजातों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए गए थे। अस्पताल कर्मचारियों ने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि इस हादसे में एक नवजात की जान नहीं बचाई जा सकी।

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में लगे मेडिकल उपकरणों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से नवजात देखभाल इकाइयों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के बाद भी मामले की विस्तृत जांच जारी रहेगी। तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद नवजात सुरक्षा को लेकर अस्पतालों में व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल जांच रिपोर्ट में आग लगने की वजह उपकरण में तकनीकी खराबी और हीटिंग फिलामेंट में स्पार्क को बताया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की आगे की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।