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आदर्श आंगनबाड़ी में बदहाल व्यवस्था: फटी दरियों पर बैठने को मजबूर बच्चे, शौचालय और पोषण वाटिका भी नहीं

 

आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कई जगह अलग नजर आ रही है। एक आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे फटी दरियों पर बैठकर पढ़ने और गतिविधियां करने को मजबूर हैं। केंद्र में शौचालय और पोषण वाटिका जैसी जरूरी सुविधाओं का भी अभाव बताया जा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसके बावजूद केंद्र में बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

फटी दरियों पर बैठ रहे बच्चे

केंद्र में बच्चों के बैठने के लिए उपलब्ध दरियां खराब और फटी हुई हैं। ऐसे में छो बच्चे इन्हीं दरियों पर बैठकर अपनी दैनिक गतिविधियां करते हैं। बच्चों के लिए पर्याप्त और साफ बैठने की व्यवस्था नहीं होने से केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।आदर्श आंगनबाड़ी से बेहतर सुविधाओं की उम्मीद की जा है, लेकिन यहां बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शौचालय की सुविधा नहीं

केंद्र में शौचालय की सुविधा का अभाव भी सामने आया है। छोटे बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है। इसके बावजूद केंद्र में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने से बच्चों और कर्मचारियों को परेशानी होती है।स्वच्छता के लिहाज से भी आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय और साफ पानी जैसी सुविधाओं का होना जरूरी है। इनके अभाव में बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।

पोषण वाटिका भी नहीं

आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण से जोड़ने के लिए पोषण वाटिका विकसित करने पर जोर दिया जाता है। लेकिन संबंधित केंद्र में पोषण वाटिका भी नहीं होने की बात सामने आई है।पोषण वाटिका का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को पौष्टिक खाद्य पदार्थों तथा स्थानीय स्तर पर उगाई जा सकने वाली सब्जियों के प्रति जागरूक करना है। इसके अभाव में योजना के उद्देश्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सुविधाओं के नाम पर सवाल

आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में फटी दरियां, शौचालय का अभाव और पोषण वाटिका नहीं होने जैसी स्थिति चिंता का विषय है।स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने संबंधित विभाग से केंद्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर बच्चों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, शौचालय और पोषण वाटिका सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब तक सुधार की कार्रवाई करते हैं।