चित्रकूट में मंदाकिनी नदी पर पीपा पुल का काम बजट के इंतजार में अटका, 1.80 करोड़ की फाइल 10 दिन से रुकी
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी पर बनने वाले अस्थाई पीपा पुल का काम बजट के इंतजार में अटक गया है। प्रशासन ने दीपावली से पहले पुल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, ताकि त्योहार के दौरान चित्रकूट पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो। लेकिन निर्माण के लिए जरूरी बजट अब तक जारी नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। बताया जा रहा है कि पुल निर्माण के लिए 1.80 करोड़ रुपए की फाइल पिछले करीब 10 दिनों से रीवा पीडब्ल्यूडी कार्यालय में रुकी हुई है।
पीपा पुल चित्रकूट में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। नदी पर स्थाई पुल के अलावा अस्थाई पुल का इस्तेमाल खासतौर पर ऐसे समय में बढ़ जाता है, जब धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
दीपावली से पहले पुल तैयार करने का लक्ष्य
प्रशासन की योजना थी कि दीपावली से पहले मंदाकिनी नदी पर पीपा पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाए। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए आवागमन की बेहतर व्यवस्था करना था।
चित्रकूट में दीपावली के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ने के साथ ही नदी के दोनों ओर आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में पीपा पुल का समय पर तैयार होना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1.80 करोड़ की फाइल पर अटकी प्रक्रिया
पुल निर्माण के लिए करीब 1.80 करोड़ रुपए की जरूरत बताई गई है। इसके लिए तैयार की गई फाइल पिछले 10 दिनों से रीवा पीडब्ल्यूडी में रुकी हुई है। बजट स्वीकृति और राशि जारी होने के बाद ही निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
बजट जारी होने में देरी के कारण अब प्रशासन के सामने समय पर काम पूरा कराने की चुनौती खड़ी हो गई है। दीपावली में ज्यादा समय नहीं बचने की स्थिति में निर्माण एजेंसी को काम शुरू होने के बाद तेजी से कार्य करना होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ा है मामला
मंदाकिनी नदी पर पीपा पुल का निर्माण केवल स्थानीय आवागमन की सुविधा से जुड़ा मामला नहीं है। चित्रकूट एक प्रमुख धार्मिक स्थल होने के कारण यहां त्योहारों और विशेष पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आवागमन की व्यवस्था सुचारु रखना प्रशासन की प्राथमिकता रहती है।
पीपा पुल तैयार नहीं होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। इससे कुछ क्षेत्रों में भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका भी बनी रह सकती है।
बजट जारी होने का इंतजार
फिलहाल निर्माण से जुड़ी फाइल रीवा पीडब्ल्यूडी में लंबित है। प्रशासन की ओर से पहले दीपावली से पहले पुल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन बजट में देरी के कारण यह लक्ष्य प्रभावित होता नजर आ रहा है।
अब निगाह बजट स्वीकृति और राशि जारी होने पर है। बजट मिलते ही पीपा पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन के सामने चुनौती यह होगी कि निर्माण शुरू होने के बाद कम समय में काम पूरा कर श्रद्धालुओं के लिए पुल को समय पर चालू किया जा सके।