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छतरपुर में पॉलिटेक्निक हॉस्टल हादसा: वाटर कूलर से करंट लगने से छात्र की मौत, सुरक्षा पर सवाल

 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित एक पॉलिटेक्निक हॉस्टल में रविवार दोपहर हुई एक दर्दनाक घटना ने छात्रावासों और शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया है कि रविवार को दोपहर लगभग 12 बजे इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे 18 वर्षीय छात्र राज तिवारी की वाटर कूलर से करंट लगने के कारण मौत हो गई।

राज तिवारी रीवा जिले के चिल्ला खुर्द गांव के रहने वाले थे। वह कॉलेज के नवीन हॉस्टल में रहकर प्रथम वर्ष में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। हादसे के समय हॉस्टल में अन्य छात्र भी मौजूद थे, लेकिन उन्हें तुरंत राहत देने का मौका नहीं मिल सका।

स्थानीय पुलिस ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद छात्र को हॉस्टल प्रशासन और अन्य छात्रों ने हॉस्टल के बाहर ले जाकर निकटतम अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन उसकी जान बच नहीं सकी। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

इस हादसे ने हॉस्टल और शिक्षा संस्थानों में विद्युत सुरक्षा और रख-रखाव की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई हॉस्टलों में पुराने या असुरक्षित इलेक्ट्रिक उपकरण छात्रों के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेना चाहिए और सभी हॉस्टलों में नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट और उपकरणों की जांच की जानी चाहिए।

कॉलेज प्रशासन ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र के परिवार को हर संभव सहायता दी जा रही है। प्रशासन ने यह भी कहा कि हॉस्टल के सभी विद्युत उपकरणों की जांच और सुरक्षा उपायों का पुनरावलोकन किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

स्थानीय और राज्य स्तर के नागरिकों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा के आधार पर छात्रों को सुरक्षित माहौल देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्युत सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए।

वहीं, पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के सभी पहलुओं का विश्लेषण किया जा रहा है और राज तिवारी की मौत के कारणों की तकनीकी जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

कुल मिलाकर, छतरपुर के पॉलिटेक्निक हॉस्टल में हुई यह घटना छात्रावासों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी को उजागर करती है। 18 वर्षीय राज तिवारी की अचानक मौत न केवल उनके परिवार और दोस्तों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि शिक्षा संस्थानों और राज्य प्रशासन के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा का भी गंभीर संकेत है।