पॉलीहाउस किसानों का 25 सितंबर को देशव्यापी प्रदर्शन, सहायता दर में बदलाव की मांग; 10 राज्यों में जुटेंगे किसान
देशभर के पॉलीहाउस और संरक्षित खेती से जुड़े किसान 25 सितंबर 2026 को अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। किसानों की ओर से यह प्रदर्शन राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड यानी एनएचबी के राज्य कार्यालयों के बाहर किया जाएगा। प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसमें देश के 10 राज्यों के किसान शामिल होने की बात कही गई है।
किसानों का मुख्य मुद्दा संरक्षित खेती के लिए मिलने वाली सहायता दर में बदलाव से जुड़ा है। पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और अन्य संरक्षित खेती प्रणालियों में खेती करने वाले किसानों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में उत्पादन लागत और दूसरी चुनौतियों को देखते हुए सरकारी सहायता व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। इसी मांग को लेकर किसान संगठनों की ओर से देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।
25 सितंबर को होने वाले इस प्रदर्शन के दौरान किसान राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के राज्य कार्यालयों के बाहर अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखेंगे। किसानों की योजना शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की भी है। प्रदर्शन का उद्देश्य संरक्षित खेती से जुड़ी सहायता व्यवस्था में बदलाव की मांग को सरकार और संबंधित विभाग तक पहुंचाना है।
संरक्षित खेती में पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए मौसम के प्रतिकूल प्रभावों को कम करते हुए नियंत्रित वातावरण में फसलों का उत्पादन किया जाता है। हालांकि, इस तरह की खेती के लिए सामान्य खेती की तुलना में शुरुआती निवेश और ढांचागत लागत अधिक हो सकती है। पॉलीहाउस निर्माण, उपकरण, सिंचाई व्यवस्था और रखरखाव पर किसानों को खर्च करना पड़ता है।
किसानों का कहना है कि संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सहायता और प्रोत्साहन व्यवस्था महत्वपूर्ण है। ऐसे में सहायता दरों में बदलाव से जुड़े मुद्दे का समाधान जरूरी है। किसानों का दावा है कि मौजूदा सहायता व्यवस्था उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं है और इसमें बदलाव किया जाना चाहिए।
देश के 10 राज्यों में एक साथ प्रदर्शन आयोजित किए जाने से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर सामने आने की उम्मीद है। किसान संगठनों ने अपने स्तर पर प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। संबंधित राज्य कार्यालयों के बाहर किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाएंगे।
25 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन पर किसानों की प्रमुख मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। यदि किसानों और विभाग के बीच बातचीत होती है तो सहायता दर में बदलाव को लेकर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल किसान 25 सितंबर को सुबह 11 बजे एनएचबी के राज्य कार्यालयों के बाहर एकजुट होकर अपनी मांग रखने की तैयारी में हैं।