भोपाल में धर्मांतरण के मुद्दे पर सियासत तेज, भाजपा विधायकों की सख्त कानून की मांग; बजरंग दल का प्रदर्शन
राजधानी भोपाल में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। हालिया घटनाक्रम के बाद सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इस विषय पर कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और प्रीतम लोधी ने सख्त कानून लागू करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
दोनों विधायकों ने बयान जारी कर कहा कि राज्य में जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उनका कहना है कि यदि कहीं भी कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों पर सख्त धाराओं में कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की गहन जांच कराने और दोषियों को उदाहरणात्मक सजा दिलाने की मांग की।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि राज्य में पहले से धर्म स्वतंत्रता से संबंधित कानून लागू है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो उसे और कड़ा बनाया जाना चाहिए। वहीं प्रीतम लोधी ने कहा कि धर्मांतरण के नाम पर सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इधर, इस मुद्दे को लेकर बजरंग दल ने भी भोपाल में प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि धर्मांतरण के मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश पर सख्ती से निपटा जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी मामलों की जांच कानून के दायरे में की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर संयम बरतने और कानून के दुरुपयोग से बचने की बात कही है। उनका कहना है कि किसी भी मामले में जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।
फिलहाल, धर्मांतरण का मुद्दा भोपाल की राजनीति में केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस पर क्या ठोस कदम उठाती है और क्या कानून में किसी प्रकार का संशोधन किया जाता है।