होटल में युवक-युवती से पुलिसकर्मी बनकर वसूले 70 हजार, हनीट्रैप जैसी साजिश की आशंका: केस में फंसाने की धमकी देकर ऐंठे रुपए
भोपाल में होटल में ठहरे एक युवक और युवती से पुलिसकर्मी बनकर कथित तौर पर 70 हजार रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने होटल में पहुंचकर खुद को पुलिसकर्मी बताया और युवक-युवती को केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे 70 हजार रुपए ले लिए गए। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
होटल में पहुंचकर खुद को बताया पुलिसकर्मी
बताया जा रहा है कि युवक और युवती होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। आरोपियों ने दोनों से पूछताछ शुरू कर दी और कथित तौर पर उन्हें धमकाया कि उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पचड़े में फंसने का डर दिखाकर आरोपियों ने युवक-युवती से रकम की मांग की। दबाव में आकर दोनों ने कथित तौर पर 70 हजार रुपए दे दिए।
हनीट्रैप जैसी साजिश का शक
मामले में पुलिस को हनीट्रैप जैसी साजिश की आशंका भी नजर आ रही है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि युवक और युवती को होटल तक कैसे बुलाया गया और आरोपियों ने उनकी जानकारी पहले से जुटाई थी या नहीं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और क्या आरोपियों ने पहले भी इसी तरह किसी अन्य व्यक्ति को अपना निशाना बनाया है।
केस में फंसाने की धमकी देकर वसूली
पीड़ितों के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें कानूनी मामले में फंसाने और पुलिस कार्रवाई का डर दिखाया। इसी दबाव में उनसे रकम ली गई। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला धोखाधड़ी, जबरन वसूली और पुलिस की पहचान का गलत इस्तेमाल करने जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ सकता है।
होटल के CCTV और डिजिटल सबूतों की जांच
पुलिस मामले की जांच के दौरान होटल के CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल सकती है। आरोपियों के होटल में आने-जाने का समय, उनकी पहचान, वाहन और पीड़ितों से हुई बातचीत की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके अलावा 70 हजार रुपए के लेन-देन और मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल सबूत भी जांच का अहम हिस्सा हो सकते हैं।
पुलिस की अपील- फर्जी पुलिसकर्मियों से रहें सावधान
इस घटना के बाद पुलिस लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। किसी व्यक्ति के खुद को पुलिसकर्मी बताने पर उसकी पहचान और तैनाती की पुष्टि किए बिना डरकर पैसे देने से बचना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पुलिस कार्रवाई का भय दिखाकर अवैध रूप से पैसे मांगता है तो तत्काल वास्तविक पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात के पीछे कौन लोग थे और युवक-युवती से रकम वसूलने की पूरी साजिश किस तरह रची गई।