पादूखुर्द-सैसड़ा में प्लास्टिक मुक्त अभियान की समीक्षा, ग्रामीणों ने स्वच्छ गांव बनाने का लिया संकल्प
गांव को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की गई। इस दौरान ग्रामीणों को प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने गांव को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
बैठक के दौरान अभियान की अब तक की प्रगति पर चर्चा की गई। ग्रामीणों से प्लास्टिक की थैलियों और अन्य एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं का इस्तेमाल कम करने तथा उनके स्थान पर कपड़े या अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की गई।
प्लास्टिक से होने वाले नुकसान बताए
अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के साथ-साथ पशुओं और मानव स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक है। खुले में फेंका गया प्लास्टिक नालियों को जाम करता है और जल निकासी की समस्या पैदा करता है।
ग्रामीणों को अपने घरों और आसपास के क्षेत्र में प्लास्टिक कचरा नहीं फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने और गीले व सूखे कचरे को अलग रखने की अपील की गई।
ग्रामीणों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने गांव को साफ-सुथरा रखने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक परिवार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
ग्रामीणों ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं डालने और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की बात कही।
सामूहिक प्रयास से बनेगा स्वच्छ गांव
अभियान के दौरान कहा गया कि केवल प्रशासनिक प्रयासों से गांव को पूरी तरह स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
लोगों ने स्वच्छता अभियान को लगातार जारी रखने और समय-समय पर इसकी समीक्षा करने पर भी जोर दिया। ग्रामीणों के संकल्प से गांव में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सकारात्मक माहौल बनाने की उम्मीद है।