भिंड में रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, जमीन के नामांतरण के लिए मांगे थे 30 हजार
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने वाले पटवारी को गुरुवार को 5 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी पटवारी की पहचान संजय बघेल के रूप में हुई है। वह मेहगांव तहसील के सीमार गांव के हल्के में पदस्थ था। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जमीन के नामांतरण के लिए मांगी थी रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, सीमार गांव निवासी राघवेंद्र बघेल ने करीब तीन महीने पहले अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदी थी। इस जमीन का नामांतरण कराने के लिए वह पटवारी संजय बघेल के पास पहुंचा था। आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में पटवारी ने उससे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
राघवेंद्र ने रिश्वत देने के बजाय मामले की शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस से कर दी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। बातचीत के बाद रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये में तय हुई और इसे दो किस्तों में देने की बात हुई।
पहली किस्त लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा
लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक पहली किस्त के तौर पर 5 हजार रुपये देने थे। गुरुवार को पटवारी ने फरियादी को भिंड के भारौली रोड स्थित एक ऑनलाइन सेंटर पर बुलाया।
जैसे ही पटवारी ने 5 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से आसपास मौजूद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
मेहगांव रेस्ट हाउस में चल रही कार्रवाई
पटवारी की गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त टीम आरोपी को लेकर मेहगांव रेस्ट हाउस पहुंची। यहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। टीम रिश्वत मांगने से लेकर रकम लेते पकड़े जाने तक की पूरी प्रक्रिया से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई से मेहगांव के राजस्व विभाग में भी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों की ओर से मामले में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की संभावना है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस लगातार सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों पर कार्रवाई कर रही है। इससे पहले भी भिंड जिले में जमीन से जुड़े काम के लिए रिश्वत मांगने वाले पटवारी पर कार्रवाई हो चुकी है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने पर सत्यापन के बाद नियमानुसार ट्रैप कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल संजय बघेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है। मामले में आगे की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि रिश्वत मांगने और नामांतरण की प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका थी या नहीं।