पाकिस्तानी क्रीम से किडनी खराब होने का दावा, महाराष्ट्र में प्रतिबंधित लेकिन MP में धड़ल्ले से बिक्री; ऑनलाइन भी मिल रही
मध्य प्रदेश में पाकिस्तानी क्रीम की बिक्री को लेकर चिंता बढ़ गई है। दावा किया जा रहा है कि इस क्रीम के इस्तेमाल से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में इस उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध है, जबकि मध्य प्रदेश में यह कथित तौर पर धड़ल्ले से बिक रही है। इतना ही नहीं, इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी खरीदा जा सकता है।
इस मामले ने कॉस्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता, उनकी सुरक्षा और बाजार में उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर उन लोगों की चिंता बढ़ सकती है, जो त्वचा को गोरा या चमकदार बनाने के लिए इस तरह की क्रीम का नियमित इस्तेमाल करते हैं।
महाराष्ट्र में प्रतिबंध, MP में बिक्री का दावा
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संबंधित पाकिस्तानी क्रीम पर महाराष्ट्र में प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद मध्य प्रदेश के बाजारों में इसकी बिक्री होने का दावा किया जा रहा है। ऑनलाइन माध्यमों पर भी इसकी उपलब्धता बताई जा रही है।
इस स्थिति में सवाल उठता है कि यदि किसी उत्पाद को स्वास्थ्य या सुरक्षा संबंधी कारणों से प्रतिबंधित किया गया है, तो दूसरे राज्यों में उसकी बिक्री कैसे हो रही है। हालांकि, मध्य प्रदेश में इसकी बिक्री को लेकर किसी आधिकारिक कार्रवाई या जांच की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
किडनी पर असर को लेकर जताई जा रही चिंता
इस क्रीम को लेकर सबसे गंभीर दावा किडनी को नुकसान पहुंचने से जुड़ा है। हालांकि, किसी कॉस्मेटिक उत्पाद से किडनी को नुकसान होने की पुष्टि उसके रासायनिक घटकों, इस्तेमाल की मात्रा और वैज्ञानिक जांच के आधार पर ही की जा सकती है। केवल उत्पाद के नाम या उसके मूल देश के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
कॉस्मेटिक खरीदते समय रखें सावधानी
विशेषज्ञों की सलाह है कि त्वचा पर इस्तेमाल होने वाले किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी सामग्री, निर्माता, पैकेजिंग, आयात संबंधी जानकारी और गुणवत्ता प्रमाणन की जांच करनी चाहिए। बिना स्पष्ट जानकारी वाले या संदिग्ध उत्पादों के इस्तेमाल से बचना बेहतर है।
फिलहाल इस पाकिस्तानी क्रीम की मध्य प्रदेश में बिक्री और किडनी पर इसके कथित दुष्प्रभावों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। संबंधित विभागों की जांच से ही उत्पाद की सुरक्षा, बिक्री की वैधता और स्वास्थ्य संबंधी दावों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।