पचमढ़ी गैंगरेप केस: आरोपियों को ले जा रहे पुलिस वाहन को रोकने वालों पर FIR, 9 लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा का केस
मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में हुए गैंगरेप मामले के बाद आक्रोशित भीड़ द्वारा पुलिस वाहन रोकने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि भीड़ आरोपियों को ले जा रहे पुलिस वाहन को रोककर उन्हें बाहर खींचने की कोशिश कर रही थी।
जानकारी के अनुसार, पचमढ़ी गैंगरेप मामले के आरोपियों को पुलिस जब वाहन से लेकर जा रही थी, तभी रास्ते में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। घटना से नाराज भीड़ आरोपियों को मौके पर ही सजा देने की मांग कर रही थी। भीड़ में शामिल कुछ लोग पुलिस वाहन को रोककर आरोपियों को बाहर निकालने पर अड़ गए।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ काफी आक्रोशित थी। इसके बाद पुलिस ने किसी तरह हालात संभाले और आरोपियों को सुरक्षित थाने तक पहुंचाया। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और वाहन रोकने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी आधार पर पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
पचमढ़ी गैंगरेप मामले को लेकर क्षेत्र में लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस और प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गैंगरेप जैसे गंभीर अपराधों में आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही सजा दिलाई जाएगी। किसी भी तरह की भीड़ हिंसा या पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले में पुलिस ने अपराधियों के साथ-साथ कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पचमढ़ी गैंगरेप केस ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना के बाद लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।