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UCC पर ओवैसी का हमला, बोले- RSS का एजेंडा चल रहा; BJP विधायक को मिसाइल वाले बयान पर दी खुली चुनौती

 

भोपाल में समान नागरिक संहिता यानी UCC के मुद्दे पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। 15 सितंबर को आयोजित सभा और मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने आरोप लगाया कि UCC के जरिए भाजपा और RSS का एजेंडा आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग समुदायों की धार्मिक और सामाजिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कानूनों को लेकर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। ओवैसी ने UCC को लेकर संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का भी हवाला दिया।

ओवैसी ने दावा किया कि UCC के जरिए गैर-हिंदू समुदायों पर ऐसे प्रावधान लागू किए जा सकते हैं, जिन्हें वह एक धार्मिक समुदाय के कानूनों से जोड़कर देखते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के विवाह, तलाक, विरासत और अन्य व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े मामलों को लेकर अलग व्यवस्था चली आ रही है। ओवैसी का कहना है कि आदिवासी समुदायों को जिस तरह कुछ परिस्थितियों में अलग कानूनी संरक्षण और प्रावधान मिलते हैं, उसी तरह मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानूनों को भी समझने की जरूरत है।

UCC को लेकर देश में राजनीतिक बहस पहले से तेज है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NDA शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू करने की बात कही है। इसके बाद ओवैसी ने इस पहल पर सवाल उठाए हैं। वहीं, UCC समर्थक पक्ष इसे नागरिक कानूनों में एकरूपता से जोड़ता है। उत्तराखंड में UCC लागू है, जबकि कुछ अन्य राज्यों में इसे लेकर विधायी प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

रामेश्वर शर्मा के बयान पर भी भड़के ओवैसी

भोपाल में ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के काजी कैंप को लेकर दिए गए ‘मिसाइल’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। रिपोर्टों के मुताबिक शर्मा ने एक कार्यक्रम में करोंद चौराहे से काजी कैंप तक मिसाइल गिराने की बात कही थी। बाद में शर्मा ने सफाई दी कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की बजाय पाकिस्तान के काजी कैंप की ओर था।

ओवैसी ने अपने भाषण में शर्मा को काजी कैंप आकर मिसाइल लॉन्च करने की चुनौती दी। उन्होंने काजी कैंप के इतिहास और वहां से जुड़े स्वतंत्रता सेनानियों का भी उल्लेख किया। उनके इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में UCC के साथ-साथ दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी भी चर्चा में आ गई है।

ओवैसी ने UCC के मुद्दे पर भाजपा के सहयोगी दलों से भी अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि NDA में शामिल दल UCC के कुछ प्रावधानों को लेकर अलग राय रखते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति बतानी चाहिए। फिलहाल UCC को लेकर केंद्र और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस जारी है और भोपाल में ओवैसी के बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।