धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर कड़ी सुरक्षा के बीच पूजा और नमाज, फुटेज में देंखे 8 हजार से ज्यादा जवान तैनात
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को विशेष और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष द्वारा मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा शुरू कर दी गई, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है। दोनों धार्मिक गतिविधियों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
भोजशाला को लेकर हर साल बसंत पंचमी और जुमे के दिन विशेष स्थिति बनती है। आमतौर पर बसंत पंचमी पर हिंदू पक्ष को पूजा और जुमे के दिन मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति दी जाती है, लेकिन जब दोनों अवसर एक ही दिन पड़ते हैं, तब तनाव की आशंका बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा सख्त किया गया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कुल 8 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। भोजशाला परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल मौजूद है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने ड्रोन कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली का भी सहारा लिया है, जिससे हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
इससे एक दिन पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अहम आदेश दिया था। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की पूजा की पूरी अनुमति दी। वहीं मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की छूट दी गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष अपने-अपने धार्मिक अधिकारों का पालन कर सकते हैं, लेकिन इसके साथ ही शांति और सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बनने पाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि दोनों समुदायों के बीच सौहार्द और शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है और इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
प्रशासन की ओर से आम लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है। धार जिला प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है और किसी भी भ्रामक या भड़काऊ सामग्री पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इलाके में निषेधाज्ञा जैसी स्थिति बनाए रखते हुए अनावश्यक भीड़ जुटाने पर रोक लगाई गई है।
फिलहाल भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज दोनों ही निर्धारित समय के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से जारी हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि बसंत पंचमी का यह संवेदनशील दिन बिना किसी विवाद के संपन्न हो सके।