'ऑपरेशन हमदर्द' बना मासूम के लिए उम्मीद: जबलपुर GRP ने भटके 12 वर्षीय बालक को परिजनों से मिलाया
मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी (Government Railway Police) की सतर्कता और संवेदनशीलता एक बार फिर देखने को मिली। 'ऑपरेशन हमदर्द' के तहत जीआरपी पुलिस ने शाजापुर जिले से भटककर जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे 12 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलवा दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मासूम सकुशल अपने घर लौट सका।
स्टेशन पर अकेला मिला था बालक
जीआरपी पुलिस के अनुसार, जबलपुर रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक 12 वर्षीय बालक पर पड़ी, जो अकेला और घबराया हुआ दिखाई दे रहा था। पूछताछ करने पर पता चला कि वह शाजापुर जिले का रहने वाला है और किसी कारणवश अपने परिजनों से बिछड़कर जबलपुर पहुंच गया था।
'ऑपरेशन हमदर्द' के तहत शुरू की कार्रवाई
बालक की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जीआरपी ने उसे अपने संरक्षण में लिया और 'ऑपरेशन हमदर्द' के तहत उसकी पहचान और परिजनों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित थानों और परिजनों से संपर्क किया।
सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया
संपर्क स्थापित होने के बाद जीआरपी ने बालक के परिजनों को जबलपुर बुलाया। आवश्यक सत्यापन और औपचारिकताओं के बाद बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बेटे को सकुशल पाकर परिजनों ने जीआरपी पुलिस का आभार व्यक्त किया।
यात्रियों से की अपील
जीआरपी अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई बच्चा अकेला, परेशान या भटका हुआ दिखाई दे तो इसकी तुरंत सूचना रेलवे पुलिस या हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।'ऑपरेशन हदर्द' के तहत जीआरपी लगातार लापता, भटके और जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने का काम कर रही है। यह पहल न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि जरूरत के समय पुलिस के मानवीय चेहरे को भी सामने ला रही है।