ग्वालियर की सड़कों की खुली पोल! गुणवत्ता जांचने गड्ढों में चली छेनी, परखी जा रही सड़क की मजबूती
ग्वालियर में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और उनकी मजबूती की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अधिकारियों ने सड़क के अलग-अलग हिस्सों में गड्ढे कर जांच की। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सड़क की परत कितनी मोटी है और उसके निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं।
सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सड़क पर बने गड्ढों में छेनी चलाकर नीचे की परतों की स्थिति देखी। सड़क की ऊपरी सतह के नीचे कितनी सामग्री इस्तेमाल की गई है, उसकी मोटाई कितनी है और निर्माण में मानकों का पालन हुआ है या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
गड्ढे करके जांची जा रही सड़क
सड़क की वास्तविक गुणवत्ता केवल ऊपर से देखकर पता नहीं चल सकती। इसी वजह से अधिकारियों ने सड़क के अलग-अलग स्थानों पर गड्ढे किए। इन गड्ढों के जरिए सड़क की विभिन्न परतों की मोटाई और निर्माण सामग्री की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है।
अधिकारियों की टीम यह भी देख रही है कि सड़क निर्माण के दौरान बेस और सब-बेस में निर्धारित मात्रा में सामग्री डाली गई थी या नहीं। सड़क की मजबूती काफी हद तक इन परतों की गुणवत्ता और मोटाई पर निर्भर करती है।
निर्माण में गड़बड़ी की आशंका
सड़कों की गुणवत्ता की जांच उस समय महत्वपूर्ण हो जाती है, जब निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क खराब होने लगे। सड़क पर गड्ढे पड़ना, ऊपरी परत का उखड़ना या बारिश के दौरान सड़क का टूटना निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
अधिकारियों की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि सड़क खराब होने की वजह सामान्य टूट-फूट है या निर्माण के दौरान मानकों का पालन नहीं किया गया। यदि जांच में निर्माण सामग्री या सड़क की मोटाई में कमी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी या ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
मौके पर जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
अधिकारियों का कहना है कि सड़क की जांच केवल कागजों में दर्ज जानकारी के आधार पर नहीं की जा रही है। मौके पर सड़क को खोलकर उसकी वास्तविक स्थिति देखी जा रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित डिजाइन और तकनीकी मानकों का कितना पालन हुआ।
जांच के दौरान सड़क की परतों से संबंधित आवश्यक माप और नमूने भी लिए जा सकते हैं। इसके आधार पर सड़क की गुणवत्ता की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
सड़क की गुणवत्ता जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि सड़क निर्माण में किसी तरह की अनियमितता या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सकती है।
शहर में सड़क निर्माण पर सरकारी राशि खर्च होती है। ऐसे में उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि सड़कें लंबे समय तक टिक सकें और जनता को बार-बार खराब सड़कों की परेशानी न उठानी पड़े।
ग्वालियर में शुरू हुई यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सड़क की ऊपरी सतह के बजाय अब उसके अंदर की परतों को खोलकर देखा जा रहा है। गड्ढों में छेनी चलाकर की जा रही यह जांच बताएगी कि सड़क वास्तव में कितनी मजबूत है और निर्माण के दौरान तय मानकों का कितना पालन किया गया।