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हर मास एक उपवास: 11 महीने में 15 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े, वीडियो में जाने देवास में 11वां सामूहिक उपवास महाअभियान

 

अन्न बचाने और जीवनशैली में अनुशासन लाने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘हर मास एक उपवास’ अभियान से 11 महीने में कई देशों के 15 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। अभियान के तहत महीने में एक दिन उपवास करने का संदेश दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक या आध्यात्मिक दृष्टि से उपवास को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इसे स्वास्थ्य, अनुशासन और अन्न बचाने से जोड़ना भी है।

इसी अभियान के तहत बुधवार को मध्य प्रदेश के देवास स्थित पुष्पगिरी तीर्थ में 11वां सामूहिक उपवास महाअभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संत, भागवताचार्य और बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान महीने में एक दिन भोजन से विराम लेकर बचाए गए अन्न को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की अपील की गई।

रमेश भाई ओझा बोले- उपवास से आता है अनुशासन

अभियान में शामिल भागवताचार्य रमेश भाई ओझा ने उपवास को जीवनशैली में संयम लाने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि उपवास केवल भोजन छोड़ने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शरीर और दिनचर्या को संयमित करने का एक तरीका है।

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उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खान-पान और सोने-जागने का समय काफी अनियमित हो गया है। ऐसे में महीने में एक दिन उपवास करना व्यक्ति को अपनी दिनचर्या पर ध्यान देने और उसमें अनुशासन लाने के लिए प्रेरित कर सकता है। रमेश भाई ओझा के मुताबिक, उपवास के जरिए व्यक्ति अपने भोजन और जीवनशैली को लेकर जागरूक हो सकता है। इसे नियमित आदतों में छोटे लेकिन सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा सकता है।

140 करोड़ लोग महीने में एक दिन उपवास करें तो बचेगा अन्न

टीवी एंकर मीनाक्षी जोशी ने अभियान के दौरान अन्न बचाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर देश की 140 करोड़ की आबादी महीने में सिर्फ एक दिन उपवास करे तो बड़ी मात्रा में भोजन और अन्न बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बचाए गए अन्न का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किया जा सकता है। इस पहल के जरिए समाज में भोजन की कीमत और उसकी बर्बादी रोकने को लेकर जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

कई देशों के लोग अभियान से जुड़े

‘हर मास एक उपवास’ अभियान के आयोजकों के मुताबिक, पिछले 11 महीनों में कई देशों के 15 करोड़ से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं। अभियान में लोगों से अपील की जा रही है कि वे महीने में कम से कम एक दिन उपवास करें और भोजन की बचत के विचार को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाएं। आयोजकों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग इस पहल से जुड़ते हैं तो व्यक्तिगत स्वास्थ्य और अनुशासन के साथ-साथ अन्न की बचत भी संभव है। अभियान को सामूहिक भागीदारी के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

पुष्पगिरी तीर्थ में हुआ 11वां महाअभियान

देवास के पुष्पगिरी तीर्थ में आयोजित 11वें सामूहिक उपवास महाअभियान में संत और भागवताचार्य रमेश भाई ओझा भी शामिल हुए। कार्यक्रम में उपवास को लेकर लोगों को जागरूक किया गया और अन्न की बर्बादी रोकने का संदेश दिया गया। अभियान का मुख्य संदेश यही है कि महीने में सिर्फ एक दिन भोजन से विराम लेकर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य और दिनचर्या पर ध्यान दे सकता है और साथ ही अन्न बचाने की मुहिम में योगदान दे सकता है। आयोजकों का लक्ष्य इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।