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सावन के पहले दिन महाकाल नगरी में गूंजा 'हर-हर महादेव': तड़के 3 बजे खुले मंदिर के पट, भस्म आरती में उमड़ा आस्था का सैलाब

 

भगवान शिव के प्रिय सावन मास की शुरुआत गुरुवार से हो गई। सावन के पहले दिन श्री महाकालेश्वर मंदिर में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। परंपरा के अनुसार तड़के 3 बजे मंदिर के पट खोले गए, जिसके बाद विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुई।भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में "हर-हर महादेव" और "जय श्री महाकाल" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।

सावन में बढ़ जाता है महाकाल मंदिर का महत्व

हिंदू धर्म में सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने महाकाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। सावन के पहले दिन होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से उज्जैन पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम

सावन मास में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा तथा दर्शन व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि कतारबद्ध दर्शन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।

पूरे महीने रहेगा धार्मिक आयोजनों का दौर

सावन के दौरान महाकाल मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजन, जलाभिषेक और भस्म आरती का आयोजन होगा। इसके अलावा सावन के सोमवार और अन्य विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक रहने की संभावना है। सावन के पहले दिन महाकाल के दरबार में उमड़ी आस्था ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा महाकाल के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था हर वर्ष सावन में अपने चरम पर पहुंच जाती है।