हरतालिका तीज पर रबड़ी खाने से 37 लोगों की तबीयत बिगड़ी, महिलाओं-बच्चों समेत अस्पताल पहुंचे
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के टांडा बरुड़ में हरतालिका तीज के मौके पर रबड़ी खाने के बाद करीब 37 लोगों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। बीमार लोगों में महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार रात उपवास के चलते लोगों ने बस स्टैंड स्थित कैलाश होटल से रबड़ी खरीदकर खाई थी। इसके कुछ घंटे बाद देर रात एक के बाद एक लोगों की तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, हरतालिका तीज के व्रत के कारण कई लोगों ने दिनभर उपवास रखा था। व्रत के दौरान और इसके बाद खाने के लिए लोगों ने स्थानीय होटल से रबड़ी खरीदी थी। रबड़ी खाने के बाद कुछ लोगों को अचानक उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी जैसी शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कई अन्य लोगों ने भी इसी तरह की परेशानी की जानकारी दी।
एक साथ बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में महिलाओं, बच्चों और पुरुषों का उपचार शुरू किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की स्थिति पर नजर रखी और आवश्यक उपचार दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सक्रिय हुई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिन लोगों ने होटल से रबड़ी खरीदकर खाई थी, उनमें से कई लोगों की तबीयत देर रात खराब हुई। इसके बाद लोगों को आशंका हुई कि रबड़ी खाने के कारण ही फूड पॉइजनिंग की समस्या हुई है। हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। होटल से खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जाने और उनकी जांच कराए जाने की संभावना है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रबड़ी किस तरह तैयार की गई थी और उसे कितने समय तक सुरक्षित रखा गया था। खाद्य सुरक्षा विभाग भी मामले की जांच कर सकता है।
हरतालिका तीज जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दूध से बनी खाद्य सामग्री की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में इनके रखरखाव और गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी की जरूरत होती है। यदि खाद्य सामग्री सही तापमान पर नहीं रखी जाए या उसके निर्माण में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाए तो वह खराब हो सकती है और लोगों की सेहत पर असर डाल सकती है।
फिलहाल करीब 37 लोगों के बीमार होने से स्थानीय स्तर पर चिंता का माहौल है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि लोगों की तबीयत खराब होने की वजह दूषित रबड़ी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।