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ओमप्रकाश बनेंगे आनंद संस्थान के CEO, राजेश हिंगणकर को फिर मिला सेवा विस्तार; CM ऑफिस में बने रहेंगे

 

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर अहम फैसला लेते हुए आनंद संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी ओमप्रकाश को सौंपने का निर्णय लिया है। वहीं, राजेश हिंगणकर को एक बार फिर सेवा विस्तार दिया गया है। इस फैसले के बाद हिंगणकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक व्यवस्था में जिम्मेदारियों के नए बंटवारे के रूप में देखा जा रहा है।

आनंद संस्थान के CEO पद पर ओमप्रकाश की नियुक्ति से संस्थान के कामकाज को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उनके पास होगी। हालांकि, इस संबंध में नियुक्ति आदेश की विस्तृत शर्तों और कार्यभार संभालने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि संबंधित आदेश से ही होगी।

आनंद संस्थान की जिम्मेदारी संभालेंगे ओमप्रकाश

मध्य प्रदेश सरकार ने ओमप्रकाश को आनंद संस्थान का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाने का फैसला किया है। आनंद संस्थान राज्य में आनंद, सकारात्मक जीवनशैली और नागरिकों के मानसिक एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करता है। संस्थान के माध्यम से लोगों को जीवन में संतुलन, संतुष्टि और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है।

CEO के रूप में ओमप्रकाश के सामने संस्थान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और निर्धारित योजनाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। सरकार के इस फैसले के बाद संस्थान के प्रशासनिक कामकाज और आगामी गतिविधियों पर नजर रहेगी।

राजेश हिंगणकर को फिर मिला सेवा विस्तार

इस प्रशासनिक फैसले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू राजेश हिंगणकर को दिया गया सेवा विस्तार है। सरकार ने उन्हें दोबारा सेवा में बने रहने का अवसर दिया है। इसके चलते वह मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। सेवा विस्तार के माध्यम से सरकार ने मुख्यमंत्री कार्यालय में उनके अनुभव का लाभ आगे भी लेने का निर्णय किया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय राज्य सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में से एक है। यहां मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रियान्वयन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी जैसे कार्य किए जाते हैं। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों की भूमिका प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव पर नजर

मोहन यादव सरकार के इस निर्णय में एक ओर आनंद संस्थान की जिम्मेदारी ओमप्रकाश को सौंपने का फैसला शामिल है, तो दूसरी ओर राजेश हिंगणकर को मुख्यमंत्री कार्यालय में बनाए रखने का निर्णय भी अहम है। इससे दोनों स्तरों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रहेगा।

हालांकि, इस फैसले से जुड़े विस्तृत आदेश, सेवा विस्तार की अवधि और नई जिम्मेदारी लागू होने की तारीख की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना के आधार पर ही स्पष्ट होगी। फिलहाल, ओमप्रकाश को आनंद संस्थान का CEO बनाए जाने और राजेश हिंगणकर के मुख्यमंत्री कार्यालय में बने रहने का फैसला मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।