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विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को लेकर OBC छात्रों का प्रदर्शन, 14 लंबित सीटें और 27% आरक्षण लागू करने की मांग

 

विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए संचालित विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को लेकर ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। छात्रवृत्ति की 14 सीटें अटकी होने और योजना में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने संबंधित अधिकारियों से लंबित सीटों पर जल्द निर्णय लेने और आरक्षण से जुड़े मुद्दे का समाधान करने की मांग उठाई।

14 छात्रवृत्ति सीटें अटकी होने पर जताई नाराजगी

छात्रों का कहना है कि विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से काफी मददगार होती है। ऐसे में सीटों पर फैसला लंबित रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और आगे की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि छात्रवृत्ति योजना के तहत अटकी हुई 14 सीटों को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे विदेश के शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और पढ़ाई से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर सकें।

27 प्रतिशत OBC आरक्षण लागू करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को योजना में उचित प्रतिनिधित्व और अवसर मिलना चाहिए।

छात्रों ने संबंधित विभाग से आरक्षण के मुद्दे पर स्पष्ट नीति बनाने और योजना के प्रावधानों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उनके मुताबिक, छात्रवृत्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णय जरूरी हैं, जिससे पात्र विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

समाधान के लिए अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने लंबित सीटों और आरक्षण के मुद्दे का जल्द समाधान करने की अपील की। उनका कहना है कि विदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों को लेकर विद्यार्थियों को समय पर जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी पढ़ाई और भविष्य की योजनाएं बना सकें।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में प्रदर्शन के स्थान, संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया और 14 लंबित सीटों की स्थिति को लेकर विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। इन मुद्दों पर विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।