×

दिन ही नहीं, रातें भी उगल रहीं आग, फुटेज में जाने देश के कई शहरों में पारा 47° के पार, हीटवेव से हालात गंभीर

 

देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और फिलहाल लोगों को राहत मिलने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। इस बार गर्मी का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि केवल दिन ही नहीं बल्कि रातें भी बेहद गर्म बनी हुई हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 35 शहरों में गुरुवार रात तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल सकी।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/7ekE1qhS7D4?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/7ekE1qhS7D4/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

राजस्थान का हनुमानगढ़ सबसे गर्म रात वाला शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, रात का तापमान सामान्य से इतना अधिक होना बेहद चिंताजनक स्थिति है, क्योंकि इससे शरीर को गर्मी से उबरने का मौका नहीं मिल पाता। लगातार गर्म रातें स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए।

देश का आधे से ज्यादा हिस्सा इस समय भीषण लू और तेज गर्मी की चपेट में है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान समेत 10 राज्यों के 24 शहरों में गुरुवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार पांचवें दिन देश का सबसे गर्म शहर बना रहा, जहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में भी पारा 47 डिग्री के करीब दर्ज किया गया।

गर्मी के बढ़ते असर का सीधा प्रभाव लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकावट के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी और मध्य भारत में गर्म हवाओं का असर अभी कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। बारिश की कोई बड़ी संभावना फिलहाल दिखाई नहीं दे रही है, जिसके कारण तापमान में तुरंत गिरावट आने की उम्मीद कम है। कई राज्यों में प्रशासन ने हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार बढ़ती गर्मी और गर्म रातें जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत भी माने जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में तापमान के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और हीटवेव की अवधि भी लंबी होती जा रही है। यदि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव नहीं हुआ, तो हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल देश के करोड़ों लोग तपती गर्मी और बेचैन कर देने वाली रातों से जूझ रहे हैं, जबकि सभी की नजर अब मानसून और संभावित बारिश पर टिकी हुई है।