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नई नीति से मप्र में एथेनॉल प्लांट पर संकट, 8000 करोड़ का निवेश अटका

 

मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन से जुड़े प्रस्तावित और निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पर नई नीति के चलते संकट के हालात बनते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब 8000 करोड़ रुपये का निवेश फिलहाल विभिन्न स्तरों पर अटक गया है।

उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नीति में बदलाव और कुछ प्रावधानों को लेकर स्पष्टता न होने की वजह से कई निवेशकों ने अपने प्रोजेक्ट्स की गति धीमी कर दी है।

कई प्लांटों की स्थिति अनिश्चित

प्रदेश में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट्स में से कई अभी प्रारंभिक या निर्माण चरण में हैं। नई नीति के प्रभाव के चलते इन प्रोजेक्ट्स के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

निवेशकों की चिंता बढ़ी

उद्योग जगत का कहना है कि यदि नीति में जल्द स्पष्टता नहीं आई तो निवेश और रोजगार दोनों पर असर पड़ सकता है। कई कंपनियां अपने विस्तार कार्यक्रम को लेकर पुनर्विचार कर रही हैं।

सरकार से स्पष्ट नीति की मांग

उद्योग प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि एथेनॉल उत्पादन से जुड़ी नीति में पारदर्शिता और स्थिरता लाई जाए, ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे और राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट्स प्रभावित न हों।

सरकार का रुख अहम

अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है। माना जा रहा है कि नीति को लेकर जल्द ही समीक्षा बैठक हो सकती है, जिसमें निवेशकों की चिंताओं पर विचार किया जाएगा।