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देवास की माताजी टेकरी में NDRF की मॉक ड्रिल, रोप-वे में फंसे लोगों का लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन

 

मध्य प्रदेश के देवास स्थित प्रसिद्ध माताजी टेकरी में बुधवार को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य की तैयारियों को परखने के लिए एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास के दौरान रोप-वे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। मॉक ड्रिल के जरिए आपात स्थिति में एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों का परीक्षण किया गया।

अभ्यास के दौरान एक ऐसी स्थिति बनाई गई, जिसमें रोप-वे के बीच में तकनीकी खराबी आने के कारण कुछ यात्री फंस गए। सूचना मिलते ही बचाव दल सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एनडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से रोप-वे तक पहुंच बनाई और फंसे हुए लोगों को एक-एक करके सुरक्षित नीचे उतारा।

मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ की टीम ने ऊंचाई पर बचाव कार्य से जुड़ी अपनी तकनीक और तैयारियों का प्रदर्शन किया। जवानों ने विशेष रस्सियों, हार्नेस और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से रोप-वे में फंसे लोगों तक पहुंच बनाई। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से नीचे लाया गया। पूरी कार्रवाई को वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में अंजाम दिया गया।

माताजी टेकरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में रोप-वे जैसी सुविधा से जुड़ी किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव एजेंसियों की तैयारी महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मॉक ड्रिल के दौरान अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की भी जांच की गई।

अभ्यास के दौरान यह भी देखा गया कि किसी आपात स्थिति की सूचना मिलने के बाद बचाव दल कितनी तेजी से घटनास्थल तक पहुंचता है और राहत कार्य किस तरह शुरू किया जाता है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने भी मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया। इस दौरान संचार व्यवस्था, रेस्क्यू उपकरणों और आपातकालीन प्रतिक्रिया की प्रक्रिया को परखा गया।

एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी वास्तविक हादसे की स्थिति में संभावित चुनौतियों को पहले से समझना और बचाव व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इस तरह के अभ्यास से जवानों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने का अनुभव मिलता है और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करने में भी मदद मिलती है।

मॉक ड्रिल के दौरान रोप-वे से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया को लाइव प्रदर्शित किया गया। अभ्यास के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

फिलहाल देवास की माताजी टेकरी में हुई इस मॉक ड्रिल के जरिए आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को परखा गया। रोप-वे में फंसे लोगों के रेस्क्यू का अभ्यास खास तौर पर ऊंचाई पर होने वाली आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता जांचने के लिए किया गया। इससे भविष्य में किसी वास्तविक घटना के दौरान राहत और बचाव कार्य को तेजी से संचालित करने में मदद मिल सकती है।