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 महाकाल थाने के बाहर हत्या पीड़ित परिवार का प्रदर्शन, सब-इंस्पेक्टर पर अभद्रता और रिश्वत मांगने का आरोप

 

मध्य प्रदेश के उज्जैन में हत्या के एक मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने महाकाल थाने के बाहर प्रदर्शन किया। परिवार ने जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित सब-इंस्पेक्टर पर अभद्र व्यवहार और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

थाने के बाहर बैठा पीड़ित परिवार

जानकारी के अनुसार, हत्या मामले में कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पीड़ित परिवार महाकाल थाने पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान परिवार के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

सब-इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मामले की जांच कर रहे एक सब-इंस्पेक्टर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। परिवार का यह भी दावा है कि उनसे कार्रवाई के नाम पर रिश्वत की मांग की गई।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कही है।

निष्पक्ष जांच की मांग

परिजनों का कहना है कि हत्या के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई है।

परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती, तो उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता।

पुलिस अधिकारियों ने लिया संज्ञान

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उनकी शिकायत सुनी। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

पुलिस का कहना है कि रिश्वत मांगने और अभद्रता के आरोपों की भी जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पीड़ित परिवार को जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के परिणाम का इंतजार है।