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नगर निगम का बड़ा फैसला: बंधक प्लॉट छुड़ाने के लिए अब कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखाने होंगे जीवित पौधे

 

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने अपने नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब डेवलपर्स और बिल्डरों के लिए केवल कागजों में पौधारोपण का रिकॉर्ड दिखाकर बंधक प्लॉट छुड़ाना आसान नहीं होगा। इसके लिए उन्हें मौके पर लगे हुए और जीवित पौधे दिखाने होंगे। साथ ही पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए किए गए इंतजामों की भी जानकारी देनी होगी।

नए नियम के तहत डेवलपर्स को यह स्पष्ट करना होगा कि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। इनमें ट्री-गार्ड, नियमित सिंचाई और पौधों की देखभाल जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। नगर निगम मौके पर इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया को मंजूरी देगा।

कागजी पौधारोपण पर लगेगी रोक

अब तक कई मामलों में पौधारोपण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर औपचारिकता पूरी करने का प्रयास किया जाता था। नए प्रावधान के बाद निगम का जोर वास्तविक पौधारोपण और पौधों के संरक्षण पर रहेगा। यानी सिर्फ यह बताना पर्याप्त नहीं होगा कि निर्धारित संख्या में पौधे लगाए गए हैं, बल्कि मौके पर उनकी स्थिति भी देखी जाएगी।

सुरक्षा इंतजाम होने पर ही मिलेगी मंजूरी

निगम अधिकारियों की ओर से यह भी देखा जाएगा कि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं या नहीं। यदि पौधों के आसपास ट्री-गार्ड नहीं हैं, सिंचाई की व्यवस्था नहीं है या पौधों की देखभाल नहीं हो रही है तो प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से इनकार किया जा सकता है।

जब तक निगम मौके पर मौजूद पौधों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं होगा, तब तक बंधक प्लॉट छुड़ाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी

पर्यावरण संरक्षण पर बढ़ेगा जोर

नगर निगम के इस बदलाव का उद्देश्य विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है। शहरों में लगातार बढ़ते निर्माण और घटते हरित क्षेत्र के बीच पौधारोपण के साथ उनकी देखभाल भी जरूरी है। नए नियम से डेवलपर्स पर लगाए गए पौधों को जीवित रखने की जिम्मेदारी बढ़ेगी।

इस व्यवस्था से उम्मीद है कि पौधारोपण केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा और आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं में वास्तविक हरियाली विकसित करने पर जोर बढ़ेगा।