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एमपी वक्फ बोर्ड विवाद: AIMIM ने अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के सामाजिक बहिष्कार का किया ऐलान, गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर बढ़ा विरोध

 

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) भी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के सामाजिक बहिष्कार (सोशल बॉयकॉट) का ऐलान किया है।

मोहसिन अली खान ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि डॉ. सनवर पटेल को निकाह, वलीमा, जन्मदिन और अन्य सामाजिक आयोजनों में आमंत्रित न किया जाए। उनका आरोप है कि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति मुस्लिम समाज की भावनाओं के विपरीत है।

नियुक्तियों को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद

वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न संगठनों और नेताओं की ओर से इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

AIMIM का कहना है कि वक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्था है और इससे जुड़े निर्णयों में समुदाय की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

मुस्लिम समाज से की अपील

मोहसिन अली खान ने अपने बयान में मुस्लिम समाज से आग्रह किया कि वे डॉ. सनवर पटेल का सामाजिक बहिष्कार करें और उन्हें किसी भी निजी या सामाजिक कार्यक्रम में न बुलाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर समाज को एकजुट होकर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं का भी किया जिक्र

अपने बयान के दौरान AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक और वक्फ बोर्ड से जुड़े नेताओं का भी उल्लेख किया तथा इस मुद्दे पर उनका रुख स्पष्ट करने की मांग की।

हालांकि, इस पूरे विवाद पर डॉ. सनवर पटेल या संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बयानों से बढ़ी सियासी हलचल

वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। AIMIM के इस ऐलान के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

फिलहाल, वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर बहस जारी है और विभिन्न पक्ष अपने-अपने तर्क सामने रख रहे हैं।