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MP में 33.1 इंच बारिश, यह कोटे की 88.7%: मानसून की विदाई में 13 दिन बाकी; आखिरी दौर में तेज पानी गिरने का अनुमान

 

मध्य प्रदेश में मानसून अब विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन प्रदेश में अभी सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। 16 सितंबर तक राज्य में औसतन 33.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे की 88.7 प्रतिशत है। प्रदेश में मानसून के दौरान सामान्य बारिश का औसत 37.3 इंच है। इस लिहाज से सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए अभी करीब 4.2 इंच बारिश की जरूरत है।

मानसून की आधिकारिक अवधि 30 सितंबर तक मानी जाती है। ऐसे में अब इसके खत्म होने में करीब 13 दिन बाकी हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 सितंबर तक प्रदेश में किसी बड़े बारिश सिस्टम का असर नहीं रहने की संभावना है। हालांकि 21 सितंबर के बाद मौसम में बदलाव हो सकता है और सितंबर के आखिरी सप्ताह में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में तेज बारिश होने का अनुमान भी जताया गया है।

23 जिलों में सामान्य या ज्यादा बारिश

प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है। अब तक 23 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई हिस्से भी सामान्य आंकड़े से पीछे हैं।

बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी जैसे जिलों में भी बारिश की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में मानसून के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश इन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

जून की कमी पूरी नहीं हो सकी

इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर कुल आंकड़े पर अब भी दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई में अच्छी बारिश हुई और अगस्त में भी स्थिति में सुधार आया। हालांकि मानसून के दौरान दो बार ब्रेक आने से कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहीं।

सितंबर में हुई बारिश के कारण कुल आंकड़ा बेहतर हुआ है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सामान्य औसत से पीछे है। अब सभी की नजर सितंबर के आखिरी दौर में बनने वाले संभावित मौसम सिस्टम पर है।

30 सितंबर के बाद की बारिश नहीं जुड़ेगी मानसून के खाते में

मानसून का आधिकारिक सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि के दौरान होने वाली बारिश ही मानसूनी बारिश के आंकड़ों में शामिल होती है। यदि अक्टूबर की शुरुआत में भी बारिश होती है, तो उसे इस मानसून सीजन के कुल आंकड़े में नहीं जोड़ा जाएगा।

फिलहाल 20 सितंबर तक बड़े बारिश सिस्टम का अलर्ट नहीं है, लेकिन 21 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश के बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद बनी हुई है।