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भूमिहीनों को जमीन देने में MP दूसरे नंबर पर, 96 फीसदी परिवारों को मिले आवासीय प्लॉट

 

मध्य प्रदेश ने भूमिहीन परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने के मामले में देश में बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश इस मामले में देश में दूसरे स्थान पर रहा है। सरकारी योजना के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को अपना घर बनाने के लिए आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 95.84 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा चुका है।

96 फीसदी परिवारों को मिला जमीन का अधिकार

योजना के तहत ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी गई, जिनके पास अपना घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं थी। सरकार की ओर से पात्र परिवारों को आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराए गए, ताकि वे भविष्य में पक्का मकान बना सकें।

आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 96 प्रतिशत पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का काम पूरा हो चुका है। इससे बड़ी संख्या में भूमिहीन परिवारों को अपना घर बनाने का रास्ता साफ हुआ है।

95.84 प्रतिशत लक्ष्य पूरा

मध्य प्रदेश ने इस अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य का 95.84 प्रतिशत हासिल कर लिया है। सरकार का फोकस उन परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर है, जो लंबे समय से आवास के लिए जमीन की कमी से जूझ रहे थे।

जमीन मिलने के बाद पात्र परिवारों को अन्य आवास योजनाओं के माध्यम से मकान निर्माण का लाभ भी मिल सकता है। इससे ग्रामीण और गरीब परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।

देश में दूसरे स्थान पर MP

भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रगति के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर बताया गया है। राज्य की इस उपलब्धि को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य केवल जमीन का पट्टा या प्लॉट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को आवास की सुविधा से जोड़ना है। इसके लिए अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के जरिए योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

बाकी परिवारों को जमीन देने की तैयारी

लक्ष्य का 95.84 प्रतिशत पूरा होने के बावजूद अभी कुछ पात्र परिवार ऐसे हैं, जिन्हें आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराया जाना बाकी है। ऐसे परिवारों को चिन्हित कर प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती प्रशासन के सामने है।

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र परिवार किसी तकनीकी या दस्तावेजी समस्या के कारण योजना के लाभ से वंचित न रहें। साथ ही जमीन उपलब्ध कराने के बाद उस पर आवास निर्माण की प्रक्रिया भी समय पर आगे बढ़े।

भूमिहीन परिवारों को अपना घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध होना उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। मध्य प्रदेश की इस प्रगति के बाद अब शेष लक्ष्य को पूरा करने और लाभार्थियों को आवास निर्माण से जोड़ने पर जोर रहेगा।