विदिशा में बेटे के शव के पास 5 दिन तक प्रार्थना करती रही मां, फुटेज में देंखे दरवाजे के नीचे से खून बहने पर खुला मामला
Vidisha से एक बेहद भावुक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां ईसाई धर्म के युवक शीनू वर्गिस की मौत के बाद उसकी मां पांच दिनों तक बेटे के शव के पास बैठकर लगातार प्रार्थना करती रहीं। मां को उम्मीद थी कि उनका बेटा फिर से जिंदा हो जाएगा। घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से तेज बदबू आने लगी और दरवाजे के नीचे से खून बहता दिखाई दिया।सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार शीनू वर्गिस मुंबई में फैशन डिजाइनिंग का काम करता था। पिता की मौत के बाद वह पिछले करीब एक साल से विदिशा में अपनी मां मरियमा वर्गिस के साथ रह रहा था। मरियमा वर्गिस एक निजी स्कूल से रिटायर शिक्षिका हैं।
जानकारी के मुताबिक शीनू की मौत करीब पांच दिन पहले हो चुकी थी, लेकिन उसकी मां शव को घर में ही रखे हुए थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने बेटे के सीने पर बाइबिल रखी हुई थी और लगातार प्रार्थना कर रही थीं। उन्हें विश्वास था कि ईश्वर की कृपा से उनका बेटा दोबारा जीवित हो जाएगा।घटना का खुलासा सोमवार सुबह हुआ। दूध विक्रेता सचिन लोधी रोज की तरह दूध देने घर पहुंचे थे। तभी उन्हें घर के अंदर से तेज बदबू महसूस हुई। साथ ही दरवाजे के नीचे से खून जैसा तरल पदार्थ बहता दिखाई दिया। संदेह होने पर उन्होंने महिला से पूछताछ की।
बताया जा रहा है कि पूछने पर मरियमा वर्गिस ने कहा, “सबने मिलकर मेरे बेटे को मार डाला, शीनू मर गया।” इसके बाद आसपास के लोगों को जानकारी दी गई और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर युवक का शव पड़ा मिला।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में किसी बाहरी चोट या संघर्ष के संकेत नहीं मिले हैं, हालांकि मौत के सही कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस आसपास के लोगों और परिवार से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मां-बेटे का परिवार काफी शांत स्वभाव का था और दोनों ज्यादा लोगों से मेलजोल नहीं रखते थे। बेटे की अचानक मौत के बाद मां मानसिक रूप से गहरे सदमे में चली गई थीं। इसी कारण उन्होंने शव को घर में रखकर लगातार प्रार्थना करना शुरू कर दिया।यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे मां के अटूट प्रेम और मानसिक सदमे से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि किसी करीबी की अचानक मौत कई बार व्यक्ति को गहरे मानसिक आघात में पहुंचा देती है, जहां वह वास्तविकता को स्वीकार नहीं कर पाता। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और हैरानी का माहौल है।