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सिंगरौली NCL मुख्यालय पर 500 से अधिक विस्थापितों का धरना, 45 सूत्रीय मांगों पर प्रदर्शन
 

 

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी NCL मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में विस्थापितों ने धरना-प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि 500 से अधिक विस्थापित अपनी 45 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर NCL प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की।

प्रदर्शन में सिंगरौली क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से विस्थापित लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोयला खनन और उससे जुड़ी परियोजनाओं के कारण बड़ी संख्या में परिवारों को अपनी जमीन और घर छोड़ने पड़े हैं। इसके बावजूद विस्थापन, पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार से जुड़ी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने NCL मुख्यालय के सामने धरना दिया।

विस्थापितों की ओर से 45 सूत्रीय मांगों का मुद्दा उठाया गया है। इनमें प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, उचित मुआवजा, रोजगार और स्थानीय लोगों से जुड़े अन्य अधिकारों की मांग शामिल बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परियोजनाओं के लिए जमीन लेने के बाद प्रभावित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।

धरने के दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यालय परिसर के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शन के कारण इलाके में प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी भी रही, ताकि व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विस्थापन केवल जमीन और मकान से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इससे प्रभावित परिवारों की आजीविका और भविष्य भी प्रभावित होता है। ऐसे में पुनर्वास के साथ रोजगार और अन्य सुविधाओं को लेकर स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने मांग की कि NCL प्रबंधन उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करे और समयबद्ध तरीके से समाधान निकाले।

वहीं, 45 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान विस्थापितों ने संबंधित अधिकारियों से वार्ता की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों की कोशिश है कि उनकी समस्याओं को लेकर प्रबंधन के साथ बातचीत हो और लंबित मामलों पर ठोस निर्णय लिया जाए।

सिंगरौली कोयला उत्पादन और ऊर्जा क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां लंबे समय से खनन परियोजनाओं के कारण विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दे सामने आते रहे हैं। ऐसे में विस्थापितों की ओर से उठाई गई 45 मांगों पर अब NCL प्रबंधन और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

फिलहाल NCL मुख्यालय पर 500 से अधिक विस्थापितों का धरना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने मांगों के समाधान तक अपनी आवाज उठाने की बात कही है। अब देखना होगा कि प्रबंधन की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है और लंबित मामलों के समाधान के लिए किस तरह की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।