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मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून सिस्टम, भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश; आंधी से थमी रफ्तार

 

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बारिश से ब्रेक के बाद लौटे नए मानसूनी सिस्टम का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। भोपाल में तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। कई इलाकों में अचानक मौसम बदलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

राजधानी भोपाल में शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि कई जगहों पर विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रह गई। इसके चलते सड़कों पर वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज हवा और बारिश के कारण ट्रैफिक की रफ्तार भी धीमी हो गई। कई वाहन चालक सुरक्षित जगहों पर रुकते नजर आए।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ और अन्य मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हुआ है। शुक्रवार को भोपाल के अलावा दमोह, टीकमगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में बारिश हुई। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ जगहों पर तेज बौछारों के साथ आंधी भी चली।

बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। अचानक बदले मौसम के कारण बाजारों और सड़कों पर भी असर देखने को मिला।

कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक, मानसून सिस्टम के दोबारा सक्रिय होने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में तेज बारिश और आंधी की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां सामान्य से अधिक सक्रिय हो रही हैं। बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण बादलों का निर्माण हो रहा है, जिससे बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आया है। खरीफ फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। खासकर सोयाबीन, धान और अन्य फसलों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि तेज बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को जलभराव और फसलों को नुकसान से बचाने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने भी मौसम को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।