MP में मानसून की रफ्तार थमी, 3 दिन भारी बारिश से राहत: 11 सितंबर से फिर सक्रिय होगा सिस्टम; अब तक 31.2 इंच बारिश दर्ज
मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के बाद अब मानसून की गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। प्रदेश में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून सिस्टम कमजोर पड़ने से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी। हालांकि, 11 सितंबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद एक बार फिर प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
इस मानसूनी सीजन में अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 31.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी बारिश का आंकड़ा औसत से कम है।
तीन दिन तक भारी बारिश से राहत
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश के ऊपर कोई मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश की संभावना कम बनी रहेगी। हालांकि, स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।बारिश में कमी आने से कई जिलों में लोगों को जलभराव और लगातार बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, किसानों को भी खेतों में जरूरी काम करने का मौका मिलेगा।
11 सितंबर से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 11 सितंबर के आसपास एक नया मौसम सिस्टम बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग लगातार इसकी निगरानी कर रहा है और परिस्थितियों के अनुसार पूर्वानुमान जारी किए जाएंगे।
अब तक 31.2 इंच बारिश रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश में मानसून की शुरुआत से अब तकअच्छी बारिश दर्जकी गई है। प्रदेश में औसतन 31.2 इंच पानी गिर चुका है। कई इलाकों में बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आए और जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ा है।हालांकि, बारिश का वितरण सभी जिलों में समान नहीं रहा है। कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है।
किसानों के लिए अहम समय
प्रदेश के किसानों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं। खरीफ फसलों के लिए बारिश काफी फायदेमंद रही है, लेकिन ज्यादा बारिश से कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान भी पहुंचा है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अब बारिश की गति और वितरण फसलों के लिए अहम भूमिका निभाएगा। यदि 11 सितंबर के बाद संतुलित बारिश होती है तो इसका फायदा फसलों को मिल सकता है।फिलहाल मध्य प्रदेश में मानसून कमजोर स्थिति में है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार यह विराम ज्यादा लंबा नहीं रहेगा। नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर लौट सकता है।