मध्य प्रदेश में मानसून मेहरबान, अब तक 25% कोटे की बारिश; 32 जिलों में सामान्य से ज्यादा बरसा पानी
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून जोरदार बारिश लेकर आया है। राज्य में अब तक सीजन के कुल बारिश कोटे का 25 प्रतिशत यानी करीब 9.4 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में जुलाई महीने के दौरान मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे जुलाई में अच्छी बारिश होगी, जिससे राज्य में औसत वर्षा का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में नदी-नाले और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से खरीफ फसलों की बुआई को भी गति मिली है। किसान इसे खेती के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित मालवा, निमाड़, महाकौशल और अन्य क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।हालांकि, लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई में भी मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो प्रदेश में इस वर्ष सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है। इससे जलाशयों में पानी का भंडारण बढ़ेगा और कृषि के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।फिलहाल मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने तथा भारी बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।