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मध्य प्रदेश में कमजोर रह सकता है मानसून, भोपाल-इंदौर समेत 47 जिलों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

 

मध्य प्रदेश में इस बार मानसून को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित 47 जिलों में इस मानसून सीजन के दौरान सामान्य से 90 से 95 प्रतिशत तक ही वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रह सकता है। हालांकि, मानसून के समय पर पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन कुल वर्षा सामान्य औसत से कम रहने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में किसानों और जल संसाधनों पर इसका असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कम बारिश की स्थिति में खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। साथ ही जलाशयों और बांधों में पानी का स्तर भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ पाएगा। इसलिए कृषि और जल प्रबंधन से जुड़े विभागों को पहले से तैयारी करने की जरूरत होगी।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वैश्विक मौसमी परिस्थितियों और वायुमंडलीय बदलावों का असर इस बार मानसून की गतिविधियों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, मानसून सीजन के दौरान समय-समय पर जारी होने वाले अपडेट के आधार पर स्थिति में बदलाव भी संभव है।

राज्य सरकार और कृषि विभाग भी मानसून के पूर्वानुमान पर नजर बनाए हुए हैं। किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार फसल चयन और बुवाई की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो मध्य प्रदेश के कई जिलों में जल संरक्षण और सिंचाई प्रबंधन की चुनौती बढ़ सकती है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में मानसून की प्रगति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।