एमपी में मानसून का डबल अटैक, 8 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट; 24 घंटे में 4 इंच तक बरस सकते हैं बादल
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश पर इस समय मानसून ट्रफ समेत दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते कई इलाकों में लगातार बारिश का दौर जारी है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 8 जिलों में भारी बारिश (हेवी रेन) का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या इससे अधिक बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका भी जताई गई है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और कहीं-कहीं तेज हवाएं भी चल सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दो मानसूनी सिस्टम से बढ़ा बारिश का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसून ट्रफ के साथ एक अन्य मानसूनी सिस्टम भी प्रभावी बना हुआ है। दोनों सिस्टम के संयुक्त असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है। आने वाले एक-दो दिनों तक कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
नदी-नालों और निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी
लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और तेज बहाव वाले नालों व पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है।
किसानों के लिए राहत, लेकिन बढ़ी चिंता भी
बारिश से खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी है। हालांकि, अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने, बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदानों में न जाने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते फिलहाल बारिश का दौर थमने के आसार कम हैं। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे मध्य प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।