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ट्रैक्टर जब्ती के विरोध में विधायक का 10 घंटे धरना, आधी रात कलेक्टर के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन

 

मध्यप्रदेश के सतना में ट्रैक्टर जब्ती के विरोध में एक विधायक ने करीब 10 घंटे तक धरना दिया। विधायक ट्रैक्टर को जब्त किए जाने की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। दिनभर चले धरने के बाद देर रात कलेक्टर के जांच के आश्वासन पर विधायक ने प्रदर्शन समाप्त किया। हालांकि, आश्वासन के बावजूद जब्त ट्रैक्टर को तत्काल नहीं छोड़ा गया।

मामले को लेकर दिनभर प्रशासन और विधायक के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। धरने के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे। विधायक ने ट्रैक्टर जब्ती की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने और वाहन को छोड़ने की मांग की।

10 घंटे तक धरने पर बैठे विधायक

ट्रैक्टर जब्त किए जाने की जानकारी मिलने के बाद विधायक मौके पर पहुंचे और कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते वहां समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। विधायक का कहना था कि ट्रैक्टर को जब्त करने की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

धरना कई घंटे तक जारी रहा। शाम होने के बाद भी विधायक और उनके समर्थक मौके पर डटे रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन ट्रैक्टर छोड़ने की मांग पर सहमति नहीं बन सकी।

आधी रात कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा

करीब 10 घंटे तक चले धरने के बाद देर रात कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। कलेक्टर के आश्वासन के बाद विधायक ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई।

प्रशासन की ओर से कहा गया कि ट्रैक्टर जब्ती से जुड़े पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद देर रात धरना समाप्त हो गया और मौके पर मौजूद समर्थक वहां से रवाना हुए।

ट्रैक्टर फिर भी नहीं हुआ रिलीज

धरना खत्म होने के बाद भी जब्त ट्रैक्टर को तत्काल नहीं छोड़ा गया। यही वजह रही कि मामले का पूरी तरह समाधान नहीं हो सका। विधायक की मुख्य मांगों में ट्रैक्टर को छोड़ना भी शामिल था, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

अब जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि ट्रैक्टर को छोड़ा जाएगा या जब्ती की कार्रवाई बरकरार रहेगी।

प्रशासन और विधायक के बीच बनी सहमति

पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। धरने के कारण इलाके में लोगों की भीड़ जमा रही और स्थिति पर नजर रखी गई। देर रात जांच के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई।

विधायक ने भी प्रशासन को जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई। अब सभी की नजर जांच प्रक्रिया पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही स्पष्ट होगा कि ट्रैक्टर जब्ती की कार्रवाई नियमों के तहत हुई थी या इसमें किसी स्तर पर गलती हुई।

फिलहाल 10 घंटे के धरने के बाद प्रदर्शन तो खत्म हो गया है, लेकिन ट्रैक्टर के रिलीज नहीं होने के कारण मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।