मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का जेन-जी प्रदर्शन पर बयान: 'आंदोलन का अधिकार है, लेकिन मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए'
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जेन-जी (Gen Z) से जुड़े हालिया प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन में मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना उतना ही जरूरी है।उन्होंने कहा कि विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन प्रदर्शन के दौरान ऐसी कोई हरकत नहीं होनी चाहिए जिससे सामाजिक सौहार्द या कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।
'आंदोलन हो, लेकिन सीमाएं नहीं लांघनी चाहिए'
विजयवर्गीय ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आंदोलन के नाम पर मर्यादा का उल्लंघन उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से संयम और जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखने की अपील की।
पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कही यह बात
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है और अब यह अध्याय समाप्त हो जाना चाहिए।उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने चैप्टर क्लोज कर दिया है।"
'जो गालियां दे रहे थे, अब माफी मांग रहे हैं'
विजयवर्गीय ने अपने बयान में यह भी कहा कि जो लोग पहले अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे, अब वही सार्वजनिक रूप से माफी मांग रहे हैं।उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि समय के साथ सच्चाई सामने आ जाती है और लोगों को अपनी भाषा और व्यवहार पर भी आत्ममंथन करना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
जेन-जी प्रदर्शन और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। अलग-अलग दलों के नेता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विजयवर्गीय का यह बयान भी ऐसे समय आया है, जब प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर देशभर में बहस जारी है। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र में संवाद और विरोध दोनों आवश्यक हैं, लेकिन हर परिस्थिति में संविन, कानून और सामाजिक मर्यादा का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।